कहानी "वह अपराधी थी?" में दिसम्बर की एक ठंडी सुबह का वर्णन है, जब वसुधा अपने पुराने दोस्त भ्रामरी तौमर के बारे में टीवी पर समाचार देख रही है। मीडिया का ध्यान भ्रामरी पर है, क्योंकि उसे किसी अपराध के लिए गिरफ्तार किया जा सकता है। वसुधा को यह विश्वास नहीं हो रहा कि उसकी बचपन की दोस्त भ्रामरी अपराधी हो सकती है। वसुधा और भ्रामरी की दोस्ती सोलह साल पहले जयपुर में शुरू हुई थी, जब वे एक साथ पढ़ती थीं। वसुधा के पिता के तबादले के बाद उनकी दोस्ती टूट गई थी। वसुधा इस समाचार को लेकर चिंतित है और अपने माता-पिता से इस बारे में बात करती है। उसकी माँ भी भ्रामरी के बारे में जानती है, लेकिन वह यह बताती है कि एक ही नाम के कई लोग हो सकते हैं। वसुधा को उम्मीद है कि यह भ्रामरी उसकी पुरानी दोस्त नहीं है, लेकिन मीडिया की कवरेज से वह परेशान है और जानने की कोशिश कर रही है कि वास्तव में भ्रामरी कौन है। कहानी में मीडिया की भूमिका, समाज की धारणाएँ और वसुधा के व्यक्तिगत संघर्ष को दर्शाया गया है। वह अपराधी थी Jahnavi Suman द्वारा हिंदी लघुकथा 30.6k 3k Downloads 12.2k Views Writen by Jahnavi Suman Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण समाज और कानून की नज़र में वह अपराधी थी। लेकिन आप का फ़ैसला अभी बाकी है। More Likes This आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan कहाँ खो गया वह होशियार अजय - 1 द्वारा Anamika ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई - 1 द्वारा Std Maurya दिल्ली जिमखाना क्लब द्वारा Devendra Kumar Fake Boyfriend real Feelings - 1 द्वारा Mawaskar Pratigya कॉल - 1 द्वारा sky अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी