कहानी "आइना सच नहीं बोलता" में नंदिनी और समरप्रताप के जीवन के कठिन दौर का वर्णन किया गया है। नंदिनी, जो अब समरप्रताप की माँ की भूमिका निभा रही है, अपने पति के स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद कर रही है। समरप्रताप, जो कमाल अरशद साहब की पार्टी के एक महत्वपूर्ण कार्यकर्ता हैं, चुनावी गतिविधियों में व्यस्त हैं। वे पार्टी के लिए विभिन्न कार्यों को संभालते हैं और अपने नेता की सहायता करते हैं। कहानी में दिखाया गया है कि कैसे नंदिनी और समरप्रताप दोनों अपने-अपने तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। नंदिनी अपने दुखों से उबरने की कोशिश कर रही है, जबकि समरप्रताप पार्टी के कामों में जुटा है और अपने सहयोगियों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करता है। कहानी का मुख्य संदेश यह है कि जीवन में कठिनाइयाँ आते हैं, लेकिन विश्वास और समर्थन से इनका सामना किया जा सकता है। समरप्रताप और नंदिनी की स्थिति यह दर्शाती है कि कठिन समय में भी एक-दूसरे का सहारा बनना महत्वपूर्ण है। # आइना सच नही बोलता - 21 Neelima Sharma द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 43k 3.7k Downloads 10.5k Views Writen by Neelima Sharma Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण नंदिनीको अचरज हो रहा था। उसके पिता ने माँ को कभी इस तरह बाहर की बातों में शामिल न किया ।वे तो पिता के लिए बस घर की देहरी के अंदर की सेविका थीं । क्या सोच रही हो, नंदिनीबिटिया नंदिनी मायके की सोच में लिपटी थी । ससुर के इसतरह पूछने पर ख़याल का एक टुकड़ा उमड़ आया कि इसी पिता के बेटे नेकभी उसके दर्द की एक चिलक को सहलाने की कोशिश भी न की । और झरझर अश्रुओंका झरना टूट पड़ा उसकी आँखों से । कितने ही ग़मज़दा पल पलकों के नीचे छुपा लो, मन की तहपर नेह के दो बोल उनखुश्क पलों को उघाड़ ही देते हैं । और फिर वह जमीं रेशमी हो जाती हैअपनेपन की मिटटी से । आप लड़िये न चुनाव,पापाजी । लो अब तो आपकीबिटिया ने भी अपनीमंजूरी दे दी । अमिता भी नंदिनी के आंसुओं से भीग गई थी । तीनों के चेहरों पर तनावरहित खिलखिलाहट थी । ठीक है बिटिया जैसी तुम्हारी मर्जी । तुमने तो हमें हर तरह जीत लिया। जहाँ जीतना था वहां से तो बुरी तरह हार बैठा हूँ। पुन: बेटे की Novels आइना सच नहीं बोलता “रिश्ते सीमेंट और ईंटों की मज़बूत दीवारों में क़ैद हो कर नहीं पनपते... उन्हें जीने के लिये खुली बाहों का आकाश चाहिये। क्या विवाह हो जाना ही एक स्त्री... More Likes This त्रिवेणी: एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर - 1 द्वारा Triveni chakrdhari अनाथ - अध्याय 1 द्वारा Dev Kumar Rawat गायब - एक रात की कहानी - 1 द्वारा Patel Lay Starseeds - Part 1 द्वारा vyomatara Oyy Mr. Vampire - 1 द्वारा kusum kumari बारह बरश का इंतज़ार - 2 द्वारा kusum kumari Second Chance - 1 द्वारा wang pang अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी