इस कहानी में, मेहमानों के जाने के बाद यह उम्मीद की जाती है कि विरोधी लोग चुप रहेंगे, खासकर ठाकुर जोरावार सिंह और मुंशी बदरीप्रसाद के मरने के बाद। लेकिन ऐसा नहीं होता। अमृतराय अपने कमरे में एक पत्र पढ़ रहे होते हैं, तभी महराज उनके पास आते हैं और इस्तीफा देने की इच्छा जताते हैं। महराज बताते हैं कि उन्हें यहाँ से जाने का डर है और वे अब काम नहीं कर सकते। इस बीच, चम्मन, रम्मन, भगेलू और दुक्खी कहार आपस में बातचीत कर रहे होते हैं कि उन्हें कचहरी की बेला से पहले चलना है। भगेलू थोड़ा हिचकिचाते हैं और अंततः अमृतराय उन्हें सुन लेते हैं। जब अमृतराय समझते हैं कि कहार इनाम मांगने आए हैं, तो वे तुरंत भगेलू को कुछ पैसे देते हैं। कहानी में संघर्ष, डर और आर्थिक स्थिति का उल्लेख है, जिसमें सामाजिक संबंधों का भी चित्रण किया गया है। प्रेमा - 10 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 6.1k 4.9k Downloads 13.3k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण प्रेमा प्रेमचंद का पहला उपन्यास था जो १९०७ में हिन्दी में प्रकाशित हुआ था। अध्याय 10 विषयसार - विवाह हो गया Novels प्रेमा संध्या का समय हैए डूबने वाले सूर्य की सुनहरी किरणें रंगीन शीशो की आड़ सेए एक अंग्रेजी ढ़ंग पर सजे हुए कमरे में झॉँक रही हैं जिससे सारा कमरा रंगीन हो रहा... More Likes This चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware बेवफाई की सजा - 1 द्वारा S Sinha अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी