इस कहानी में प्रेमा और पूर्णा की गहरी दोस्ती और उनके जीवन में आए दुखों का वर्णन किया गया है। पंडित बंसतकुमार की मृत्यु ने केवल पूर्णा को ही नहीं, बल्कि प्रेमा को भी गहरे शोक में डाल दिया है। प्रेमा अपने दुख में इतनी डूबी हुई है कि वह कई दिनों तक बिना खाने-पीने के बिस्तर पर लेटी रहती है। उसकी मानसिक स्थिति इतनी खराब हो गई है कि वह न हंसती है और न किसी से बात करती है। पूर्णा की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है, वह अपने पति की मृत्यु के बाद से बाहर नहीं निकल पाई। प्रेमा उसे देखने के लिए जाती है, लेकिन वहां जाकर वह केवल रोती है और पूर्णा को भी रोने पर मजबूर कर देती है। प्रेमा सन्ध्या समय महताबी पर बैठती है, केवल इसलिए कि वह बाबू अमृतराय को वहाँ से आते-जाते देख सके। उसकी भावनाएं इतनी गहन हैं कि जब वह उन्हें देखती है, उसका दिल धड़कने लगता है। एक दिन, जब पूर्णा प्रेमा के पास आती है, उसके चेहरे की स्थिति देखकर प्रेमा को दुख होता है। दोनों दोस्त एक-दूसरे के साथ अपनी भावनाओं को साझा करती हैं और यह महसूस करती हैं कि उनकी स्थिति एक समान है। प्रेमा अपने जीवन के दुखों का सामना करने का संकल्प करती है। इस अध्याय में दोस्ती, प्रेम और दुख की गहराई को दर्शाया गया है, जो पाठक को भावनात्मक रूप से जोड़ता है। प्रेमा - 5 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 12.5k 5.9k Downloads 18k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण प्रेमा प्रेमचंद का पहला उपन्यास था जो १९०७ में हिन्दी में प्रकाशित हुआ था। अध्याय 5 विषयसार - अयँ ! यह गजरा क्या हो गया Novels प्रेमा संध्या का समय हैए डूबने वाले सूर्य की सुनहरी किरणें रंगीन शीशो की आड़ सेए एक अंग्रेजी ढ़ंग पर सजे हुए कमरे में झॉँक रही हैं जिससे सारा कमरा रंगीन हो रहा... More Likes This चलो दूर कहीं..! - 1 द्वारा Arun Gupta ज़ेरॉक्स: विनाश की घड़ी - 2 द्वारा Md Siddiqui शून्यप्रस्थ: एक अंतहीन महागाथा - 1 द्वारा Nitu अलिफ लैला - 13 द्वारा Rajveer Kotadiya । रावण । शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई ( 1) द्वारा Ramesh Desai When Miracles Happen - 2 द्वारा fiza saifi I’m Not Fake, I’m Real - CHAPTER 1 द्वारा TEGICMATION अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी