कहानी "काली अँधेरी रात" भादों के महीने की एक डरावनी रात पर आधारित है, जब रमेसर काका अपने घोठे पर मड़ई में लेटे हुए हैं। आसमान में बार-बार बिजली कौंध रही है और तेज हवा चल रही है, जिससे रमेसर काका की बँसखटिया में बँधी भैंस डरी हुई है। रमेसर काका को लगता है कि भैंस को मच्छर परेशान कर रहे हैं, इसलिए वे धुँहरहे पर आग जलाते हैं। अचानक, आग की रोशनी में उन्हें अपनी बँसखटिया पर एक अज्ञात महिला दिखाई देती है, जिससे वह डर जाते हैं। हालांकि वे डरने का प्रयास करते हैं और हिम्मत करके महिला से सवाल पूछते हैं, लेकिन महिला की भयंकर हँसी रात को और भयावह बना देती है। रमेसर काका खुद को मजबूत दिखाने की कोशिश करते हैं और लाठी लेकर खड़े हो जाते हैं, जबकि अंदर से वे पूरी तरह डरे हुए हैं। कहानी डर और साहस के बीच की जंग को दर्शाती है, जहां रमेसर काका अपनी हिम्मत जुटा कर डर का सामना करने का प्रयास कर रहे हैं। काली अँधेरी रात vanrajsinh zala द्वारा हिंदी लघुकथा 21.3k 3.1k Downloads 17.3k Views Writen by vanrajsinh zala Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण काली अँधेरी रात More Likes This एक डिवोर्स ऐसा भी - 1 द्वारा Alka Aggarwal पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी