कहानी "मृत्योत्सव" में दिव्या को अपने प्रिय मयंक भैया की मृत्यु की खबर मिलती है, जिससे वह गहरे दुख में डूब जाती है। मयंक भैया, जो दिव्या से पांच साल बड़े थे, बचपन में उनके साथ खेलते थे और दिव्या का उन पर विशेष स्नेह था। समय के साथ मयंक भैया ने समुद्री नौसेना में करियर बनाया और विदेश में बस गए। उनकी शादी एक विदेशी लड़की मारिया से हुई, जो भारतीय संस्कृति से भिन्न थी। दिव्या की माँ इस शादी पर चिंता व्यक्त करती हैं, यह कहते हुए कि मयंक भैया ने अपनी संस्कृति को छोड़ दिया है। दिव्या इस बारे में सोचती है कि वे संस्कृति और सभ्यता को कैसे समझेंगी। कहानी में दिव्या की यादें और उनका परिवार का बंटवारा भी दर्शाया गया है, जो समय के साथ उनके रिश्तों को प्रभावित करता है। अंततः, मयंक भैया की मृत्यु के बाद दिव्या के मन में उनके प्रति प्यार और यादें ताजा हो जाती हैं। मृत्योत्सव sangeeta sethi द्वारा हिंदी लघुकथा 12.2k 2.3k Downloads 10.2k Views Writen by sangeeta sethi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण यह कहानी म्रत्यु के विलाप को कम करने की कवायद करती है भले ही मृत्यु से प्रियजन का वियोग सहन करना कठिन कार्य है पर म्रत्यु के समय उसकी विदाई को किस तरह मारिया यादगार बना देती है इसा कहानी में पढ़िए .... More Likes This कॉल - 1 द्वारा sky कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 द्वारा miss k पढ़ाकू द्वारा Vandna Sharma कोन्निचिवा: माय देसी लव - 1 द्वारा Kajal Soam किराए का घर द्वारा Vandna Sharma First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी