लाला लाजपत राय एक प्रमुख भारतीय नेता और सामाजिक कार्यकर्ता थे, जिन्होंने अपने जीवन में अनेक जनसेवा के कार्य किए। 1896 और 1899 में उत्तर भारत में आए भयंकर दुष्काल के दौरान, उन्होंने लाला हंसराज के सहयोग से अकालपीड़ितों की सहायता की। उन्होंने अनाथ बच्चों को मिशनरियों के प्रभाव से बचाकर आर्य अनाथालयों में भेजा। 1905 में कांगड़ा में आए भूकम्प के समय भी उन्होंने राहत कार्य में भाग लिया। 1907-08 में, जब उड़ीसा और मध्यप्रदेश में दुष्काल पड़ा, लाला लाजपत राय ने लोगों की सहायता की। उन्होंने सूरत के कांग्रेस अधिवेशन में गरम दल की विचारधारा को आगे बढ़ाया और जनता को स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने के लिए प्रेरित किया। प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान, वे इंग्लैंड गए और वहां भारत की आजादी के लिए जनमत जागृत किया। उन्होंने अमेरिका में भी भारतीय स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया और इण्डियन होम रूल लीग की स्थापना की। महात्मा गांधी के सहयोग आन्दोलन में भी लाला लाजपत राय ने सक्रिय भाग लिया। 1920 में वे कांग्रेस के विशेष अधिवेशन के अध्यक्ष बने और विभिन्न सामाजिक आंदोलनों में शामिल हुए। बाद में, उन्होंने स्वराज्य पार्टी में शामिल होकर केन्द्रीय धारा सभा के सदस्य बने। उन्होंने हिन्दू महासभा को भी बढ़ावा दिया और 1925 में उसके कलकत्ता अधिवेशन के अध्यक्ष बने। उनका जीवन जनसेवा और स्वतंत्रता संघर्ष में समर्पित रहा। लाला लाजपत राय - 2 Dholiya Mayur द्वारा हिंदी जीवनी 3.7k 3.2k Downloads 14.3k Views Writen by Dholiya Mayur Category जीवनी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण लालाजी केवल राजनैतिक नेता और कार्यकर्ता ही नहीं थे। उन्होंने जन सेवा का भी सच्चा पाठ पढ़ा था। जब 1896 तथा 1899 (इसे राजस्थान में छप्पन का अकाल कहते हैं, क्योंकि यह विक्रम का 1956 का वर्ष था) में उत्तर भारत में भयंकर दुष्काल पड़ा तो लालाजी ने अपने साथी लाला हंसराज के सहयोग से अकालपीडि़त लोगों को सहायता पहुँचाई। जिन अनाथ बच्चों को ईसाई पादरी अपनाने के लिए तैयार थे और अन्तत: जो उनका धर्म-परिवर्तन करने के इरादे रखते थे उन्हें इन मिशनरियों के चुंगुल से बचाकर फीरोजपुर तथा आगरा के आर्य अनाथलायों में भेजा। 1905 में कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) में भयंकर भूकम्प आया। उस समय भी लालाजी सेवा-कार्य में जुट गये और डी0ए0वी0 कालेज लाहौर के छात्रों के साथ भूकम्प-पीडि़तों को राहत प्रदान की। More Likes This मेरी जिंदगी द्वारा Chetan Malade मेरी जिंदगी द्वारा Chetan Malade मेरी जिंदगी द्वारा Chetan Malade मेरी कहानी - 1 द्वारा Richa Sharma मेरे हिस्से की ज़िंदगी - अध्याय 2 द्वारा sapna पहला फ़ोन द्वारा Kajal Soam खण्ड - 02 महाराणा: सहस्त्र वर्षों का धर्मयुद्ध - भाग 3 द्वारा Hind Gaurav अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी