रांझा, तख़्त हजारा से यात्रा करते हुए एक सुंदर मस्जिद के पास पहुँचता है। भूख और थकान से परेशान होकर वह अपनी बाँसुरी बजाने लगता है, जिसके संगीत से गाँव वाले उसकी ओर आकर्षित होते हैं। लेकिन, एक झगड़ालू मुल्ला रांझा को काफिर कहकर मस्जिद से बाहर निकालने की कोशिश करता है। रांझा मुल्ला को उसकी भेदभावपूर्ण सोच के लिए जवाब देता है, जिससे मुल्ला और गुस्से में आ जाता है। मुल्ला उसे मस्जिद में रात बिताने की अनुमति देता है, लेकिन सुबह निकलने की चेतावनी देता है। रांझा अगले दिन चेनाब नदी के किनारे पहुँचता है, जहाँ वह नदी पार करने के लिए मांझी से मदद मांगता है। मांझी उसे बताता है कि पैसे के बिना उसकी मदद नहीं करेगा। इस तरह, रांझा की यात्रा जारी रहती है, और वह आगे की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है। हीर की प्रेम कहानी २ bhatt khyati द्वारा हिंदी लघुकथा 24.5k 2.7k Downloads 8.6k Views Writen by bhatt khyati Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण हीर की प्रेम कहानी २ Novels हीर की प्रेम कहानी हीर की प्रेम कहानी १ More Likes This किराए का घर द्वारा Vandna Sharma First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी