यह कहानी आदित्य की है, जो तीन साल बाद अपने घर लखनऊ लौट रहा है। वह दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पहुंचता है, जहां मौसम ठंडा और कोहरा है। आदित्य अकेले रहने का आदी हो गया है, हालांकि वह कभी शादी नहीं करना चाहता था। उसकी माँ ने उसे शादी करने के लिए कहा था, लेकिन उसने मना कर दिया। अब, स्टेशन पर बैठकर, वह अपनी माँ को फोन करता है, जिससे उसकी माँ उसकी स्थिति को समझ जाती है। आदित्य अपनी माँ को अपने लखनऊ आने की बात नहीं बताता और स्टेशन पर ट्रेन के आने का इंतजार करता है। कहानी में उसकी अकेलेपन की भावना और माँ के प्रति उसकी चिंता का जिक्र है। प्लेटफोर्म नं. 16 Brajesh Prasad द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 8.3k 1.7k Downloads 7.4k Views Writen by Brajesh Prasad Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण this story based on aaditya life and their love loss... More Likes This राधा का संगम - प्रकरण 1 द्वारा Ramesh Desai Contract Marriage with Enemy Soldier - 1 द्वारा priyanka katiyar दूसरे की बाहों में - 1 द्वारा unknown Writer Beginning of My Love - 1 द्वारा My imaginary world मरीज़-ए-इश्क़ - 1 द्वारा unknown Writer मिस फाइटर प्लेन - 1 द्वारा antima Mafia ki Deewangi - 1 द्वारा Pooja Singh अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी