यह कहानी तख़्त हजारा नामक खूबसूरत स्थान पर आधारित है, जहाँ रांझा नामक एक युवक अपने परिवार में संघर्ष कर रहा है। रांझा का पिता, जमींदार मौजू चौधरी, का निधन हो जाता है, जिसके बाद रांझा के भाई उसे तंग करना शुरू कर देते हैं और उसकी बेइज्जती करते हैं। वे उसे कमजोर और आलसी कहकर उसका मजाक उड़ाते हैं। भाईयों ने मिलकर रांझा को बेकार जमीन देकर उसे हतोत्साहित करने की योजना बनाई। रांझा, जो अपने पिता के समय में खुशहाल जीवन जीता था, अब अपने भाइयों से अपमानित होकर खेतों में काम करने के लिए मजबूर है। उसकी भौजाई साहिबा जब उससे मिलने आती है, तो रांझा अपनी परेशानियों का जिक्र करता है, लेकिन साहिबा उसकी बातों पर नाराज हो जाती है और उसे दोष देती है। कहानी रांझा की निराशा और संघर्ष को दर्शाती है, जो अपने परिवार के खिलाफ लड़ाई में अकेला महसूस करता है। हीर की प्रेम कहानी - १ bhatt khyati द्वारा हिंदी लघुकथा 31k 2.9k Downloads 9k Views Writen by bhatt khyati Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण हीर की प्रेम कहानी १ Novels हीर की प्रेम कहानी हीर की प्रेम कहानी १ More Likes This प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी