इस कहानी में आचार्य हरगोविन्द एक विद्वान हैं जो साहित्य और शोध के क्षेत्र में प्रतिष्ठित हैं। उन्होंने अपनी शिष्या शारदा को एक शोध विषय पर काम करने का निर्देश दिया है। शारदा ने प्रोफेसर एकनाथ की आत्मकथा को अपने शोध का विषय चुना, जो हिकारत और अमानवीयता का दस्तावेज है। हालांकि, आचार्य जी ने इस विषय पर काम करने से मना कर दिया, यह कहते हुए कि साहित्य का अर्थ समझना जरूरी है। उन्होंने साहित्य को मानव की विकासशील प्रवृत्तियों की कलात्मक अभिव्यक्ति बताया। शारदा आचार्य जी के गुस्से को जानती थी और तुरंत उनकी बात मान ली। आचार्य जी को पता चला कि मौलिक रचनाओं पर शोध के लिए प्रोत्साहन देने वाली संस्थाएं हैं, लेकिन प्रोफेसर एकनाथ से बात करना उनके अहंकार को चोट पहुँचा सकता था। कहानी में आचार्य जी का सामंती दृष्टिकोण और सिद्धांतों के प्रति स्वार्थी दृष्टिकोण भी सामने आता है। कहानी अंत में आचार्य जी के स्वार्थ और नैतिकता की परिभाषा को चुनौती देते हुए समाप्त होती है, जो साहित्य की वर्तमान स्थिति पर सवाल उठाता है। बगुला DR. SHYAM BABU SHARMA द्वारा हिंदी लघुकथा 6k 1.8k Downloads 8.7k Views Writen by DR. SHYAM BABU SHARMA Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण बगुला प्रो. एकनाथ की आत्मकथा की बाते और साहित्यिक पुरस्कार जाने और पढ़े लाघुवार्ता बगुला More Likes This मुक्त - भाग 14 द्वारा Neeraj Sharma पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-1 द्वारा Anil Kundal Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी