"दहीं में ना दूध में" कहानी एक छोटे बच्चे दीप की है, जो अपने मोहल्ले के बच्चों के साथ खेलने में असमर्थता महसूस करता है। उसे लगता है कि उसकी कोई कीमत नहीं है और सभी उसे बच्चा समझते हैं। चाचा ने उसकी चाची को कहा है कि दीप को अब दूर सुलाना चाहिए, जिससे वह अकेला सोने के लिए मजबूर हो जाता है। दीप मोहल्ले के बच्चों के साथ खेलने की कोशिश करता है, लेकिन वह हमेशा अस्वीकार किया जाता है और उसे अकेले खड़ा रहना पड़ता है। उसकी चाची जब उसके पास आती है, तो वह उसे समझती है और बच्चों से कहती है कि दीप को भी खेलने दो। इस पर बच्चे उसे खेलने देते हैं। हालांकि, दीप की समस्याएँ खत्म नहीं होतीं। वह खेल में थक जाता है और किसी को पकड़ नहीं पाता, जिससे बच्चे उस पर हंसते हैं। अंत में, वह घर लौट आता है और अपनी चाची से खेलने की जिद करता है, जो उसे खुशी देती है। कहानी एक छोटे बच्चे की मासूमियत और उसके डर, असुरक्षा और चाची के प्रति उसकी लगाव को दर्शाती है। दहीं मे ना दुध में Ajay Oza द्वारा हिंदी लघुकथा 8.7k 2k Downloads 7.7k Views Writen by Ajay Oza Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण दहीं मे ना दुध में अजय ओजा द्वारा लिखित एक सुन्दर कहानी, जो वास्तविक परिस्थिति के साथ हुबहू मेल खाती है More Likes This तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal क्या सब ठीक है - 5 द्वारा Narayan Menariya बारह बरश का इंतज़ार - 1 द्वारा kusum kumari कालू की पहाड़ी - 1 द्वारा RAAHULL SHARMA अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी