कहानी "सत्रह सेकंड की" में एक व्यक्ति अपने विचारों में खोया हुआ है। पहले सेकंड में उसे कुछ याद नहीं आता, लेकिन धीरे-धीरे वह एक बाइक की ओर ध्यान केंद्रित करता है। उसे लगता है कि बाइक चालक हनुमानजी के मंदिर से लौट रहा है। जैसे-जैसे सेकंड बीतते हैं, उसे बाइक की पीछे बैठी लड़की की झलक मिलती है, जो उसे उसकी पुरानी प्रेमिका वनिता की याद दिलाती है। वह वनिता के साथ अपने अतीत को याद करता है और सोचता है कि किस तरह से उसने उसे बाइक खरीदने की सलाह दी थी, लेकिन वह उसकी बातों को नजरअंदाज कर देता है। कहानी में समय के साथ-साथ उसके मन में उठते भावनात्मक विचारों की गहराई को दर्शाया गया है। वह अपने टूटे पैर के साथ हनुमानजी के मंदिर जाने की प्रतिज्ञा करता है, लेकिन उसकी पुरानी प्रेमिका की यादें उसे रोकती हैं। अंततः, वह अपने पुराने रिश्ते और वर्तमान स्थिति के बीच संघर्ष करता है। कहानी सत्रह सेकन्ड की Ajay Oza द्वारा हिंदी लघुकथा 7.1k 1.8k Downloads 7.7k Views Writen by Ajay Oza Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कहानी सत्रह सेकन्ड की सत्रह सेकंड में बुनी हुई एक रोचक कथा जिसकी एक-एक लाइन आपको पूरी कहानी पढने पर मजबूर करेगी जानिए, क्या है इस कहानी मै More Likes This प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी