कहानी "पुनरावृत्ति" में अद्वैत नामक एक युवक की जिंदगी को दर्शाया गया है, जो न तो रात की महफिलों का हिस्सा है और न ही सुबह की वॉक करने वालों का। वह लंबे समय से ठीक से सोया नहीं है और इसलिए दोनों समुदायों से दूर है। अद्वैत को एक लोफर समझा जाता है, हालाँकि वह पढ़ाई में अच्छा है और उसकी डायरी में उसके विचार होते हैं। एक दिन उसकी डायरी चाय की दुकान पर छूट जाती है, जिसे चाय वाले ने लौटाया। इसके बाद चाय वाला अद्वैत के प्रति अधिक सहानुभूति दिखाने लगता है। कहानी में अद्वैत की स्थिति, उसके विचार और उसके आसपास के लोगों की बातचीत का चित्रण किया गया है, जिसमें समाज, सुरक्षा, और विकास पर चर्चा होती है। अद्वैत के अनुभव और उसकी सामाजिक पहचान की जटिलता कहानी का प्रमुख विषय है। पुनरावृत्ति saksham dwivedi द्वारा हिंदी लघुकथा 29.7k 2.9k Downloads 18.9k Views Writen by saksham dwivedi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण समाज और युवाओं के अंतरद्वंद की कहानी . More Likes This अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar चुन्नू और मुन्नू - एक खट्टी-मीठी दोस्ती ( भाग -1) द्वारा Vishakha Pareek जग्गू - द डिटैक्टिव - 1 द्वारा Rakesh Kumar Sharma आज्ञा द्वारा Rajeev kumar पता बताते दिन द्वारा महेश रौतेला तुम हो तो सब कुछ है - भाग 1 द्वारा Ankit Khatri मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी