कहानी "सिलवटें" में एक महिला अपने जीवन के दर्द और यादों के बारे में बात करती है। वह भावनात्मक और शारीरिक चोटों को सहन करते हुए अपने अतीत को याद करती है, जिसमें एक दुखद घटना शामिल है जिसने उसके जीवन को बदल दिया। उसकी यादें उसके लिए एक नासूर की तरह बनी हुई हैं। वह अपने कॉलेज के दिनों को याद करती है, जब वह कालिदास के साहित्य की प्रशंसक थी और उसकी सहेलियाँ उसे "शकुन्तले" कहकर चिढ़ाती थीं। लेकिन एक दुर्घटना के बाद, वह कॉलेज छोड़ने को मजबूर हो गई और उसके जीवन में डर और अकेलापन आ गया। अब उसे "मिसेज कोहली" कहा जाता है, जबकि उसका पति उसे "सुलु" कहता है। वह अपनी माँ से भी शिकायत करती है जो उसे "मुन्नी" कहकर बुलाती है। अंत में, वह अपने पति से निराश है, जिसने विवाह के समय वचन दिया था लेकिन अब उसे भूल गया है। कहानी अपने जीवन के आधार को खोने की चिंता और अंत की इच्छा को व्यक्त करती है। सिलवटे Tejendra sharma द्वारा हिंदी लघुकथा 21k 2.3k Downloads 11.3k Views Writen by Tejendra sharma Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कितने दिन, कितने महीने, कितने वर्षों तक इस दर्द को सहा है मैंने। लगता है अब यह दर्द जान लेकर ही रहेगा। और फिर दर्द भी तो कोई छोटा-मोटा दर्द नहीं है। भावनाओं का दर्द है। More Likes This एक डिवोर्स ऐसा भी - 1 द्वारा Alka Aggarwal पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी