राजेश मेहरा एक रात रेलवे स्टेशन से बाहर निकला, जहां उसकी ट्रेन तीन घंटे लेट थी। वह अपने गांव जाने के लिए अकेला था, अपने दादा-दादी के निधन के बाद पहली बार गांव लौट रहा था। सर्दी के माहौल में, उसने अपने गांव की ओर चलना शुरू किया, लेकिन रास्ते पर बिजली की कमी के कारण उसे मुश्किल हो रही थी। वह अपने मोबाइल की लाइट जलाकर चलने लगा, जबकि झिंगुरों और पक्षियों की आवाजों ने उसे डरा दिया। अचानक, उसने दो साए देखे, जो उसकी ओर आ रहे थे। जब वह पास आए, तो उसे पता चला कि वे एक लड़की और एक छोटा लड़का थे। लड़की ने राजेश से पूछा कि वह इतनी रात को कहां जा रहा है। राजेश ने बताया कि वह दिल्ली से आया है और पास के गांव जा रहा है। लड़की ने मुस्कुराते हुए बताया कि वह भी पास के गांव जा रही है, क्योंकि उसके छोटे भाई को नींद नहीं आ रही थी। इस तरह, राजेश ने एक अनजान लड़की से बातचीत शुरू की, जो उसे इस अंधेरी रात में थोड़ी हिम्मत और सहारा दे रही थी। भलाई Rajesh Mehra द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 3.4k 2.4k Downloads 8.6k Views Writen by Rajesh Mehra Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण यदि आदमी का मन और कर्म सच्चे हो तो कोई भी उसका कुछ नही बिगाड़ सकता यदि उसपर कोई विपत्ति भी आने वाली होगी तो वह भी ताल जायेगी उसकी भलाई उसकी नही अपितु उसके पूर्वजो का भी उद्दार कर सकती है More Likes This रामेसर की दादी - 1 द्वारा navratan birda देवर्षि नारद की महान गाथाएं - 1 द्वारा Anshu पवित्र बहु - 1 द्वारा archana ज़िंदगी की खोज - 1 द्वारा Neha kariyaal अधूरा इश्क़ एक और गुनाह - 1 द्वारा archana सुकून - भाग 1 द्वारा Sunita आरव और सूरज द्वारा Rohan Beniwal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी