इस अध्याय में निर्मला का मनोबल और दृष्टिकोण में बदलाव दिखाया गया है। उसने अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है और अब अपने दुखों को स्वीकार करने लगी है। उसे महसूस होता है कि उसका जीवन आनंद से रहित है और वह दुखों की गठरी ढोने के लिए अभिशप्त है। वकील साहब जब घर लौटते हैं, तो वे निर्मला की सुंदरता को देखकर प्रभावित होते हैं, लेकिन अपनी deteriorated स्थिति को देखकर उन्हें घृणा होती है। निर्मला उनकी चिंता करती है और उन्हें काम के बोझ के बारे में सलाह देती है, यह कहते हुए कि धन के लिए अत्यधिक मेहनत करने की आवश्यकता नहीं है। तोताराम, वकील साहब, काम के बोझ से थके हुए, मुकदमों के कारण परेशान हैं। निर्मला उन्हें सलाह देती है कि पैसे कमाने के लिए अपनी सेहत को खतरे में डालना नहीं चाहिए। इस बीच, उनका बेटा मंसाराम स्कूल से लौटता है और खाने की मांग करता है। इस अध्याय में निर्मला के कर्तव्य और परिवार के प्रति समर्पण को दर्शाया गया है, साथ ही वकील साहब के भीतर के संघर्ष को भी प्रदर्शित किया गया है। निर्मला अध्याय 4 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 13.7k 13.6k Downloads 29.1k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण प्रेमचन्द का यह उपन्यास ‘‘निर्मला’’ छोटा होते हुए भी उनके प्रमुख उपन्यासों में गिना जाता है। इस उपन्यास में उन्होंने दहेज प्रथा तथा बेमेल विवाह की समस्या उठाई है और बहुसंख्यक मध्यमवर्गीय हिन्दू समाज के जीवन का बड़ा यथार्थवादी मार्मिक चित्रण प्रस्तुत किया है। अंततोगत्वा न केवल मंसाराम के प्राणंत का कारण बनता है, वरन सारे परिवार के लिए अभिशाप बन जाता है। दूसरा लड़का जियाराम भी घर के विषाक्त वातावरण के प्रभावांतर्गत कुसंग में पड़कर निर्मला के आभूषण चुराकर ले जाता है। Novels निर्मला प्रेमचन्द का यह उपन्यास ‘‘निर्मला’’ छोटा होते हुए भी उनके प्रमुख उपन्यासों में गिना जाता है। इस उपन्यास में उन्होंने दहेज प्रथा तथा बेमेल विवाह की समस... More Likes This THE PIANO MEN - 1 द्वारा rajan चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी