पल्लवी, जो अब नौवीं कक्षा में है, अपने जीवन के महत्वपूर्ण बदलावों का सामना कर रही है। चौदह साल की उम्र में उसके मानसिक और शारीरिक विकास में उल्लेखनीय परिवर्तन आ रहा है। उसके परिवार में उसके माता-पिता और दादी हैं, जिनसे वह बहुत घुली-मिली है, खासकर दादी के साथ। दादी ने पल्लवी को जीवन के अच्छे-बुरे के बारे में ज्ञान देना शुरू किया है, खासकर जब से वह रजस्वला हुई है। पल्लवी अपने पापा से बहुत प्यार करती है और उनकी उपस्थिति परिक्षा के फल प्रकाशन के दिन उसे विशेष रूप से महत्वपूर्ण लगती है। वह अपनी तीनों बहनों में सबसे मेधावी और खूबसूरत है। किशोरावस्था में प्रवेश करते ही उसकी देह और चेहरे की आभा में निखार आ रहा है। इस उम्र में, पल्लवी की भावनाओं और इच्छाओं में भी वृद्धि हो रही है, और उसे लड़कों में रुचि होने लगी है। वह अब लड़कों से बात करने में आनंद लेने लगी है और उसके मन में एक खास लड़के, आर्यन के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है। पल्लवी की कहानी उसके इस परिवर्तन और किशोरावस्था के जटिल अनुभवों को दर्शाती है। मैं मेरा बॉयफ्रेंड,बॉस और........ vinayak sharma द्वारा हिंदी लघुकथा 27.3k 5.3k Downloads 14.4k Views Writen by vinayak sharma Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण यह किताब हमारे मूढ़ समाज की एक संकीर्ण सोच का मुकुर है। More Likes This नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी