इस कहानी में दयावती चाची एक बहू को अपने बेटे के प्रेम विवाह के बारे में बताते हुए कहती हैं कि विवाह चाहे प्रेम विवाह हो या परंपरागत, दोनों में जिम्मेदारियाँ और दायित्व होते हैं। बहू सोच रही है कि क्या प्रेम विवाह करने से दायित्व कम हो जाते हैं या स्वतंत्रता मिलती है। कहानी में यह बताया गया है कि प्रेम विवाह में साथी के व्यवहार और पसंद को पहले से समझा जा सकता है, जबकि परंपरागत विवाह में परिवार का दबाव होता है। दोनों प्रकार के विवाह में आपसी सहमति और सामंजस्य महत्वपूर्ण हैं। प्रेम विवाह में यदि परिवारों की खुशी और सहमति शामिल हो तो जीवन आसान होता है। परंपरागत विवाह में दायित्व निभाने में परिवार का सहयोग और समर्थन होता है, जिससे वैमनस्यता कम होती है। अंत में, लेखक यह सुझाव देते हैं कि रिश्तों को मजबूत करने के लिए प्रेम, विश्वास और सहयोग की जरूरत होती है, और किसी भी रिश्ते को निभाना बहुत कठिन होता है। विवाह की संस्था की समस्याएँ अक्सर व्यक्तिगत विचारों की खामियों से होती हैं। विवाह एक बंधन Pranjali Awasthi द्वारा हिंदी पत्रिका 2.2k 6.1k Downloads 24.9k Views Writen by Pranjali Awasthi Category पत्रिका पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण विवाह एक बन्धन है रिश्तों को बाँधने का और बँधने का महज कुछ विचार जो मेरे निज़ी हैं । More Likes This नेहरू फाइल्स - भूल-85 द्वारा Rachel Abraham इतना तो चलता है - 3 द्वारा Komal Mehta जब पहाड़ रो पड़े - 1 द्वारा DHIRENDRA SINGH BISHT DHiR कल्पतरु - ज्ञान की छाया - 1 द्वारा संदीप सिंह (ईशू) नव कलेंडर वर्ष-2025 - भाग 1 द्वारा nand lal mani tripathi कुछ तो मिलेगा? द्वारा Ashish आओ कुछ पाए हम द्वारा Ashish अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी