इस कहानी में, कल्याणी की मानसिक पीड़ा को दर्शाया गया है, जो अपने पति की मृत्यु के बाद महसूस कर रही है। वह खुद को दोषी समझती है और उसके मन में यह विचार चलता है कि अगर उसने कठोर शब्द न कहे होते, तो उसके पति घर से नहीं जाते। इस दुख के बीच, निर्मला के विवाह की तैयारी का मुद्दा उठता है। कुछ लोग विवाह को स्थगित करने की सलाह देते हैं, लेकिन कल्याणी विवाह को रोकने के खिलाफ है और अपने पति की इच्छा को ध्यान में रखते हुए विवाह करने का निर्णय लेती है। वह भालचंद्र को पत्र लिखती है, जिसमें वह अनुरोध करती है कि उन्हें इस अनाथिनी पर दया करनी चाहिए। कल्याणी चाहती है कि विवाह की तैयारी बिना किसी समस्या के पूरी हो, इसलिए वह पुरोहित को पत्र देने के लिए भेजती है। कहानी में कल्याणी की भावनाएं और उसकी स्थिति को बारीकी से चित्रित किया गया है, जो उसके जीवन के दुखद पहलुओं को उजागर करती हैं। निर्मला अध्याय 2 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 41.4k 22.6k Downloads 44.3k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण प्रेमचन्द का यह उपन्यास ‘‘निर्मला’’ छोटा होते हुए भी उनके प्रमुख उपन्यासों में गिना जाता है। इस उपन्यास में उन्होंने दहेज प्रथा तथा बेमेल विवाह की समस्या उठाई है और बहुसंख्यक मध्यमवर्गीय हिन्दू समाज के जीवन का बड़ा यथार्थवादी मार्मिक चित्रण प्रस्तुत किया है। पिता उदयभानु लाल की मृत्यु हो जाने पर माता कल्याणी दहेज न दे सकने के कारण अपनी पुत्री निर्मला का विवाह भालचन्द्र और रँगीली के पुत्र भुवन मोहन से न कर बूढ़े वकील तोताराम से कर देती है। Novels निर्मला प्रेमचन्द का यह उपन्यास ‘‘निर्मला’’ छोटा होते हुए भी उनके प्रमुख उपन्यासों में गिना जाता है। इस उपन्यास में उन्होंने दहेज प्रथा तथा बेमेल विवाह की समस... More Likes This Oyy Mr. Vampire - 1 द्वारा kusum kumari बारह बरश का इंतज़ार - 2 द्वारा kusum kumari Second Chance - 1 द्वारा wang pang माई डियर प्रोफेसर - भाग 21 द्वारा Vartika reena The Billionaire Werewolf's Obsession - 1 द्वारा Sipra Mohanty मेरा बच्चा... लौटा दो... द्वारा Wajid Husain प्रेम शाश्वतं, मृत्यु शाश्वतः - प्रलोग द्वारा Vartika reena अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी