"देह के दायरे" के भाग तीन में पूजा का देव बाबू के प्रति बढ़ता आकर्षण दर्शाया गया है। पूजा कक्षा में बैठकर देव बाबू के ख्यालों में खोई रहती है, जिससे वह पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाती। एक दिन, जब मैडम हाजिरी ले रही होती हैं, पूजा अपनी बेताबी में कई बार अपने नाम की पुकार पर ध्यान नहीं देती, जिसके कारण उसे भारी अपमान का सामना करना पड़ता है। उसके सहपाठी नरेश उसके ऊपर व्यंग्य करते हैं, और मैडम उसे डांटती हैं। पूजा शर्म और घबराहट में होती है, लेकिन उसके मन में देव बाबू के प्रति आकर्षण और कल्पनाएँ चलती रहती हैं। इस स्थिति में पूजा का ध्यान पढ़ाई से भटक जाता है, और वह अपने भीतर एक अजीब आनंद की अनुभूति करती है, जिसे वह छोड़ नहीं पाती। देह के दायरे भाग - 3 Madhudeep द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 29.3k 9.1k Downloads 12.1k Views Writen by Madhudeep Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण देह के दायरे भाग - 3 देव बाबू के प्रति पूजा का आकर्षण बढ़ता जा रहा था देव बाबू की याद पूजा को किस तरह पागल करती जा रही थी पढ़िए ! Novels देह के दायरे देह के दायरे पूजा और उनके पति देव बाबू की एक कहानी ! पूजा को देव बाबूने रात कोई क्या लाने के लिए कहा होगा कौन मरना चाहता था, और क्यों ज़हर... More Likes This When Miracles Happen - 2 द्वारा fiza saifi I’m Not Fake, I’m Real - CHAPTER 1 द्वारा TEGICMATION किडनी का तोह्फ़ा - 1 द्वारा S Sinha वो आखिरी मुलाकात - 1 द्वारा veerraghawan Beyond the Pages - 1 द्वारा cat रूहों का सौदा - 1 द्वारा mamta लाल पत्थर का राज - भाग 1 द्वारा Anil singh अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी