गाँव दीना सर में एक अजीब खामोशी छाई हुई है, जबकि लोगों के मन में हड़कंप है। चौधरी रणवीर सिंह, जो एक बड़े घर के मालिक हैं, अपनी बेटी सायरा के मारे जाने की खबर सुनकर बेहद आक्रोशित हैं। उनकी पत्नी सुमित्रा रो रही है, और रणवीर उसे यह कहते हुए धक्का दे देते हैं कि सायरा उनके लिए एक कलंक थी। सायरा ने एक दूसरी जाति के लड़के से प्यार किया था, और रणवीर ने उसे मार दिया, यह सोचकर कि उन्होंने अपने परिवार की इज्जत की रक्षा की है। सायरा अपनी जान की भीख मांगती है और कहती है कि उसके मरने से रणवीर को सबसे ज्यादा दुःख होगा। रणवीर इस आवाज़ को सुनकर भावुक हो जाते हैं, लेकिन फिर भी वह अपने फैसले पर अडिग रहते हैं। कहानी इस बात पर केंद्रित है कि किस तरह सामाजिक मान्यताओं की वजह से एक पिता अपनी बेटी की जान ले लेता है, जबकि वह खुद उसे प्यार करता था। कहाँ खो गई बिटिया .. Upasna Siag द्वारा हिंदी क्लासिक कहानियां 20.1k 4.1k Downloads 11.5k Views Writen by Upasna Siag Category क्लासिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सजा संवरा कमरा लेकिन उदास हो जैसे ..., जैसे उसे उम्मीद हो सायरा के आ जाने की ! रणबीर की नजर सामने की अलमारी पर पड़ी तो उसे खोल ली। अलमारी में सायरा की गुड़ियाँ रखी हुयी थी। उसे गुडिया खेलने का बहुत शौक था। जब भी बाज़ार जाना होता तो एक न एक खिलौना तो होता ही था साथ में गुडिया भी जरुर होती थी। रणबीर सिंह गुड़ियाँ देखता -देखता जैसे रो ही पड़ा जब उसकी नज़र अपने हाथों पर पड़ी। हूक सी उठी , तड़प उठा , उसने अपनी ही गुडिया का गला दबा दिया। जोर से रुलाई फूटने वाली ही थी कि सामने गुड्डा रखा नज़र आया। ओह यह गुड्डा ! यह गुड्डा कितनी जिद करके लाई थी सायरा। उसे याद आया, एक बार वह सायरा को शहर ले कर गया था तो बहुत सारे खिलौने दिलवाए थे जिस पर हाथ रख दिया वही खिलौना उस का हो गया। दोनों हाथों में खिलौनों के थैले अभी जीप में रखे ही थे कि सायरा ठुनक गई ! छोटा सा -प्यारा सा मुहं और नाक सिकोड़ कर बोली, बापू , आपने मुझे गुड्डा तो दिलाया ही नहीं ...! रणबीर ने हंस कर उसे गोद में उठा कर कहा , बिटिया , अगली बार जब हम आयेंगे तो ले दूंगा , अब तो देर हो गयी , रात होने को है। नहीं बापू , मुझे तो अभी ही लेना है नहीं तो मैं घर ही नहीं जाउंगी ...! सायरा ने रुठते हुए कहा। इतनी प्यारी बेटी और रणबीर के कलेजे का टुकड़ा, तो भला वह कैसे नहीं मानता उसकी बात को ...! More Likes This पवित्र बहु - 18 द्वारा archana बारिशवाला प्यार - 2 द्वारा Radha राहें - 11 द्वारा shiromani mathur द मिस्टीरियस क्वीन - Chapter 2 - भाग 2 द्वारा kanta सीक्रेट:वो लड़की - 3 द्वारा kanta पांच वादों की दुल्हन - भाग 1 द्वारा kanta अशोक का परिवर्तन - युद्ध से करुणा तक - 1-2 द्वारा Skp divine अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी