इस नाटक "हुक्मउदूली" के भाग 3 में, दृश्य 12 में, सोहर, उमा और अभिराम बैठकखाने में हैं। सोहर गपलू को सामान लादने के लिए कहता है। अभिराम जानना चाहता है कि बोरे में क्या है, और मनोहर बताता है कि यह उनके खेत का चूड़ा और बासमती चावल है। तभी जग्गन और मग्गन आते हैं और बताते हैं कि उन्होंने हाथी मार दिया है। सोहर इस पर गर्व महसूस करता है और अभिराम को बताता है कि अब उसे एमेले बनना चाहिए। जब अभिराम प्रथा से बात करता है, तो वह उसे याद दिलाती है कि वह अभी भी हत्या के मामले में जमानत पर है। इसके बाद, दृश्य 13 में, सोहर प्रथा से कहता है कि उसे अभिराम से शादी करने की बात पक्की करनी चाहिए। प्रथा इसका विरोध करती है, कहती है कि बड़ा होना या मंत्री होना ही सब कुछ नहीं है। वह इस भ्रष्ट मंत्री के बेटे से शादी नहीं करना चाहती और अपने अधिकारों की रक्षा करने का संकल्प लेती है। यह दृश्य प्रथा के साहस और अपनी स्वतंत्रता की रक्षा के लिए उसके संघर्ष को उजागर करता है, जबकि उसके परिवार के अन्य सदस्य उस पारंपरिक सत्ता के प्रति समर्पित हैं। हुक्मउदूली भाग 3 Jaynandan द्वारा हिंदी नाटक 1.5k 3.6k Downloads 11.5k Views Writen by Jaynandan Category नाटक पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण (बैठकखाने में सोहर, उमा और अभिराम हैं। सोहर आवाज लगाते हैं।) सोहर : गपलू....कार आकर लग गयी है बाहर, सामान लादो भाई, जल्दी। (गपलू अंदर से बारी-बारी से अटैची, बोरा आदि ढोकर ले जाने लगता है।) सोहर : प्रथा, अभिराम जा रहा है, बाहर आओ, भाई । (प्रथा अनमनी-सी बाहर आती है।) अभिराम : बोरे में आप क्या लदवा रहे हैं अंकल? मनोहर : गाँव से आया है बेटे, अपने खेत का चूड़ा है, कुछ बासमती चावल है। अभिराम : ओह, अंकल इसकी क्या जरूरत थी? Novels हुक्मउदूली (एक बड़ा सा बैठकखाना है जिसमें औसत मध्यमवर्गीय स्तर का सोफा लगा है। मुखिया सोहर मिश्र का एक खास आसन लगा है । उसके सामने लगे दो तीन सामान्य सी गोल बैठकी... More Likes This सफ़र-ए-दिल - जब नफ़रत जुनून में बदल जाए.. - 1 द्वारा Abantika दो पतियों की लाडली पत्नी - 2 द्वारा Sonam Brijwasi प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 1 द्वारा Abantika नम आँखे - 1 द्वारा Nandini Agarwal Apne Kalam Sein अदृश्य पीया - 3 द्वारा Sonam Brijwasi सौदे का सिन्दूर - भाग 1 द्वारा Anil singh इस घर में प्यार मना है - 1 द्वारा Sonam Brijwasi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी