"तर्पण" कहानी में narrator अपने पुराने दोस्त की मृत्यु के बाद उसकी विधवा के सामने बैठकर अपनी भावनाओं को व्यक्त करता है। उसे दुख है कि उसे दोस्त की मौत की खबर देर से मिली और वह अपनी भाभी से शिकायत करना चाहता है। narrator अपने दोस्त के प्रति अपनी गहरी मित्रता और उसके परिवार की बदहाली के बारे में सोचता है। दोस्त की मृत्यु से उसे कोई बड़ा सदमा नहीं लगा, लेकिन वह विचलित है क्योंकि दोस्त के साथ उसकी बहुत सारी यादें जुड़ी हैं। कहानी में narrator अपने दोस्त के जीवन के उतार-चढ़ाव का भी उल्लेख करता है, जैसे कि उसके पिता की मृत्यु के बाद उसकी नौकरी की स्थिति। वे दोनों अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन उनकी दोस्ती बरकरार रही। narrator देखता है कि उसके दोस्त में बदलाव आया है, जैसे कि उसने सिगरेट पीना छोड़ दिया है, जो पहले उनकी लड़ाई का कारण हुआ करता था। narrator उसकी सेहत के बारे में पूछता है, जो दोस्त की हालिया जीवनशैली में बदलाव को दर्शाता है। कहानी में दोस्ती, जीवन के संघर्ष, और मृत्यु की वास्तविकता के साथ एक गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। तर्पण Arun Asthana द्वारा हिंदी लघुकथा 7k 2.9k Downloads 13.8k Views Writen by Arun Asthana Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Tarpan - Arun Asthana More Likes This आज्ञा द्वारा Rajeev kumar पता बताते दिन द्वारा महेश रौतेला तुम हो तो सब कुछ है - भाग 1 द्वारा Ankit Khatri मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 1 द्वारा Aloka Patel Anime - 2 द्वारा shifa अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी