कहानी "सलीम" जयशंकर प्रसाद द्वारा लिखी गई है, जो एक छोटे से गाँव की पृष्ठभूमि में सेट है, जो पहाड़ियों से घिरा हुआ है और एक नदी के किनारे स्थित है। कहानी की शुरुआत एक शाम होती है, जब प्रेमकुमारी वासुदेव के लिए पीपल के नीचे दीपदान करती है। गाँव में कुछ घरों की बसावट है, जिसमें खत्रियों और एक पण्डित का घर शामिल है। गाँव में एक बूढ़ा आदमी गुलमुहम्मद खाँ है, जो अक्सर अपनी चौपाल में बैठा रहता है। कहानी में एक थका हुआ व्यक्ति, जो एक मुसलमान है, नदी के किनारे आता है और प्रेमकुमारी को देखता है। अमीर खाँ नाम का एक लड़का, जो शिकार पर गया था, प्रेमकुमारी से खीर खाने के लिए कहता है। कहानी में विभिन्न पात्रों के बीच संवाद होते हैं, जो गाँव के सामाजिक और धार्मिक माहौल को दर्शाते हैं। इसके अलावा, सलीम नामक एक व्यक्ति भी है, जो उन सबकी बातें सुनता है और उसकी मानसिक स्थिति गड़बड़ाने लगती है। यह कहानी मानवता, धार्मिकता, और सामुदायिक संबंधों की जटिलता को उजागर करती है। सलीम Jayshankar Prasad द्वारा हिंदी लघुकथा 12.6k 6.3k Downloads 13.8k Views Writen by Jayshankar Prasad Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सलीम जयशंकर प्रसाद की कहानियाँ जयशंकर प्रसाद © COPYRIGHTS This book is copyrighted content of the concerned author as well as Matrubharti. Matrubharti has exclusive digital publishing rights of this book. Any illegal copies in physical or digital format are strictly prohibited. Matrubharti can challenge such illegal distribution / copies / usage in court. सलीम पश्चिमो्रूद्गार सीमाप्रान्त में एक छोटी-सी नदी के किनारे, पहाड़ियों से घिरे हुए उस छोटे-से गाँव पर, सन्ध्या अपनी धुँधली चादर डाल चुकीथी। प्रेमकुमारी वासुदेव के निमि्रूद्गा पीपल के नीचे दीपदान करने पहुँची। आर्य-संस्कृति में अश्वत्थ की वह मर्यादा अनार्य-धर्म के प्रचार के बाद भी उस Novels जयशंकर प्रसाद की कहानियाँ जयशंकर प्रसाद की कहानियाँ जयशंकर प्रसाद © COPYRIGHTS This book is copyrighted content of the concerned author as well as Matrubharti. Matrubharti has... More Likes This Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar डायरी का वो आखरी पन्ना - 4 द्वारा Std Maurya कहानी में छुपी एक सन्देश - 1 द्वारा Std Maurya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी