बुधवार का दिन एक कहानी है जिसमें मुख्य पात्र एक व्यक्ति है जो अपने ऑफिस में काम कर रहा है। कहानी की शुरुआत फोन की घंटी से होती है, जब एक महिला उसे बताती है कि वह शाम को साढ़े चार बजे तक ऑफिस पहुँच सकती है। यह सुनकर वह खुश होता है और उसे इंतजार करने की खुशी होती है। वह अपने कामों को जल्दी निपटाने के लिए उत्सुक है, ताकि शाम को महिला से मिलने के लिए उसके पास समय हो। वह अपने चपरासी हेमराज को कोल्ड ड्रिंक और बिस्कुट लाने के लिए भेजता है। ऑफिस में काम करते वक्त उसे कई फोन कॉल्स प्राप्त होते हैं, जिनमें से कुछ पत्रकारों के होते हैं और कुछ अनावश्यक। कहानी में एक रोमांटिक तत्व भी है, जब वह एक लड़की की बात याद करता है जिसने कहा था कि वह सिर्फ उसकी आवाज सुनने के लिए फोन करती है। यह सोचते हुए, वह अपने काम और उस लड़की के प्रति अपनी भावनाओं के बीच में उलझा हुआ है। इस प्रकार, कहानी में काम, इंतजार और प्रेम की भावनाओं का मिश्रण है। बुधवार का दिन Gurmit Bedi द्वारा हिंदी लघुकथा 5k Downloads 15.8k Views Writen by Gurmit Bedi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Budhvar Ka Din - Gurmit Bedi More Likes This चंदौली की चुनार - 1 द्वारा Swati Yadav कोन्निचिवा: माय देसी लव - 1 द्वारा Kajal Soam किराए का घर द्वारा Vandna Sharma First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी