"प्रतिसंसार" कहानी में, मुख्य पात्र एक युवक है जो दो साल बाद अपने घर लौटता है। वह द्वार पर खड़ा होता है, अपने अचानक आगमन के लिए मां के प्रति शर्मिंदा है। घर का माहौल सन्नाटा और अकेलापन है। जब मां दरवाजा खोलती है, तो वह आश्चर्यचकित होकर रोने लगती है। युवक अंदर जाकर अपने पिता को देखता है, जो बीमार और चुप हैं। जब मां बताती है कि बिट्टू, जो शायद उसका भाई या करीबी रिश्तेदार था, की मौत हो गई है, युवक को गहरी सदमा लगता है। वह सोचता है कि कैसे उसने दो साल में बहुत कुछ खो दिया है और परिवार की स्थिति कितनी बदल गई है। इस कहानी में भावनाओं, परिवार के रिश्तों और समय की धारा के प्रभाव को दर्शाया गया है। Prati Sansaar dhirendraasthana द्वारा हिंदी लघुकथा 729 2k Downloads 6.8k Views Writen by dhirendraasthana Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण प्रतिसंसार धीरेन्द्र अस्थाना यह दोपहर के ठीक दो बजे का लपलपाता हुआ वक्त था। पूरी गली में बेतरह सन्नाटा था और वह दूर तक खाली पड़ी थी। घर के सामने पहुंच कर उसने बंद दरवाजे की कुंडी को खड़खड़ा दिया और आहट सूंघने लगा, लेकिन भीतर की खामोशी पूर्ववत रही। वह देर तक खड़ा रहा और खुद पर शर्मिंदा होता रहा। इस तरह बिना बताये वह अचानक आया है, इस बात को मां किस तरह लेगी? पूरे दो साल वह इस घर से बाहर बने रहा है और इस तरह बाहर रहा है जैसे इस घर के साथ उसका कोई More Likes This नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी