शिव एक समझदार और मेहनती बच्चा था, जो अपने पिता की मदद करता था। एक दिन खेत में पानी डालते समय उसे बिजली का करंट लग गया, जिससे उसकी एक बाँह काटनी पड़ी। इस हादसे के बाद वह बहुत उदास और निराश रहने लगा, क्योंकि उसे लगता था कि उसकी शक्ति चली गई है। उसके पिता ने उसे समझाया कि उसकी जान बच गई और उसे पढ़ाई पर ध्यान देने को कहा। हालांकि, स्कूल में अन्य बच्चे उसे "लूला" कहकर चिढ़ाते थे और उसकी पिटाई भी करते थे। शिव खेल के मैदान में जाकर भी उदास रहता था, क्योंकि वह पहले की तरह खेल नहीं सकता था। शिव की कहानी संघर्ष और आत्मबलिदान की है, जिसमें उसे अपने हालात के खिलाफ लड़ना है। जीवन संग्राम का विजेता Poonam Negi द्वारा हिंदी लघुकथा 1.4k 1.8k Downloads 8.1k Views Writen by Poonam Negi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ek bacche ki prerak jeewan gatha jisne hadse ke bbad bhi har nhi mani. More Likes This प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी