"मानेकशा और मैं" पुस्तक में लेखक अरुणेन्द्र नाथ वर्मा ने फील्ड मार्शल सैम मानेकशा के जीवन और व्यक्तित्व का वर्णन किया है। मानेकशा, जो भारतीय थलसेनाध्यक्ष थे, को सेना और देशवासियों द्वारा बहुत सम्मान और प्रेम प्राप्त था। उनका जन्म 3 अप्रैल 1914 को अमृतसर में हुआ था और वे 27 जून 2008 को 94 वर्ष की आयु में निधन हो गए। मानेकशा ने इन्डियन मिलिटरी अकादमी के पहले बैच से सेना में अफसर बनने की शुरुआत की। उन्होंने द्वितीय विश्वयुद्ध सहित कई महत्वपूर्ण युद्धों में भाग लिया, जैसे कि कश्मीर के ऑपरेशंस, 1962 का चीन का आक्रमण और 1965 का भारत-पाक युद्ध। उनके अनुभव और नेतृत्व ने उन्हें 1971 के भारत-पाक युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर दिया। सैम मानेकशा का जीवन एक सच्चे सैनिक का था, जो अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभाने में विश्वास रखते थे। उनकी छवि एक आदर्श सैनिक की है, जिसके प्रति सभी सैनिकों में गहरा सम्मान है। पुस्तक में लेखक ने मानेकशा के मानवीय पहलुओं को भी उजागर किया है, जो उन्हें एक चुम्बकीय व्यक्तित्व बनाते हैं। मानेकशा और मैं Arunendra Nath Verma द्वारा हिंदी लघुकथा 8.7k 2.1k Downloads 8.1k Views Writen by Arunendra Nath Verma Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण भारत की सेना के तीनों अंगों -स्थल सेना, जल सेना और वायुसेना को ही नहीं, बल्कि समस्त देश वासियों को उन पर नाज़ था. फील्ड मार्शल करियप्पा के बाद इस गौरवमय पद को सुशोभित करने वाले भारतीय थलसेनाध्यक्ष अकेले वे ही तो थे. वे भारतीय सैनिकों के आदर्शपुरुष ही नहीं, सबसे चहेते सेनाध्यक्ष भी थे. उनका औपचारिक नाम, फील्ड मार्शल सैम हर्मूसजी फ्रामजी जमशेदजी मानेकशा, मिलिटरी क्रोस, परम विशिष्ट सेवा मैडल, अतिविशिष्ट सेवा मैडल लिखने के लिए एक बहुत लम्बे से नामपट्ट की आवश्यकता होगी. More Likes This मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar डायरी का वो आखरी पन्ना - 4 द्वारा Std Maurya कहानी में छुपी एक सन्देश - 1 द्वारा Std Maurya मेरे समाज में ऐसा क्यों होता हैं - भाग 1 द्वारा Std Maurya ऐसे ही क्यों होता हैं? - 1 द्वारा Std Maurya एक डिवोर्स ऐसा भी - 1 द्वारा Alka Aggarwal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी