कहानी "पागलपन का इलाज, भाग-२" में नायक गाँव के एक सत्संग कार्यक्रम में भाग लेने जाता है, जहाँ वह अपने पुराने परिचित बुजुर्गों से मिलता है। वह मंदिर के प्रांगण में आयोजित सत्संग में शामिल होता है, जहाँ राम चरित मानस का पाठ और भजन होते हैं। नायक ने शुद्धता के लिए अपने हाथ-पाँव धोए और फिर सत्संग दरबार में प्रणाम किया। वहाँ उपस्थित सभी बुजुर्गों ने उसका स्वागत किया और उन्होंने बातचीत की। नायक ने महसूस किया कि पिछले समय की तुलना में सत्संग में उपस्थित लोगों की संख्या काफी कम हो गई है, जिसके बारे में उसने अध्यक्ष महोदय से सवाल किया। अध्यक्ष ने बताया कि इसका एक कारण टेलीविजन का बढ़ता प्रचलन है, जिससे लोग घर पर ही सत्संग देख सकते हैं। इस प्रकार, नायक की कहानी में धार्मिक और सामाजिक विषयों पर चर्चा होती है, और यह दर्शाता है कि कैसे आधुनिक तकनीक परंपरागत आयोजनों को प्रभावित कर रही है। पागलपन का इलाज,भाग-२ Pradeep Kumar sah द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 2.8k 3.7k Downloads 12.4k Views Writen by Pradeep Kumar sah Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण वास्तव में संसार में प्रत्येक वस्तु की उत्पत्ति अथवा स्थापना कुछ निश्चित उद्देश्य के पूर्ति हेतु होते हैं.उसी अनुरूप से उसमें गुण के समावेश होते हैं और अपने गुण के अनुरूप ही उनके प्रयत्न एवं कार्यशैली होती है.मानस परिवार भी पिछले बीस वर्ष से सतत सक्रिय और कार्यशील है. किंतु इसका उद्देश्य है अपने सदस्य के प्रवृति में सद्गुण की वृद्धि करना, रजोगुण और तमोगुण पर विजय दिलाना.इसलिए वह उक्त दोनों गुण प्रधान कार्य जैसे सजावट, बनावट और दिखावट से दूरी बनाये रखती है.किंतु प्रत्येक मनुष्य उपरोक्त दोनों गुण के वशीभूत होकर काम-वासना से पीड़ित रहते हैं जिससे उसी गुण प्रधान कार्य में उनकी रूचि होती है.जहाँ उस रूचि की पूर्ति नहीं होती उस वस्तु के प्रति उनमें जिज्ञासा भी नहीं जगती. Novels पागलपन का इलाज उनके माताओं को इस बात की जानकारी गाँव के टमाटर मण्डली के जरिये होती थी.दरअसल पूरे गाँव में जो थोड़े युवक थे उनकी अपनी ही ख़ास मंडली थी और उनके विचार-व्य... More Likes This त्रिवेणी: एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर - 1 द्वारा Triveni chakrdhari अनाथ - अध्याय 1 द्वारा Dev Kumar Rawat गायब - एक रात की कहानी - 1 द्वारा Patel Lay Starseeds - Part 1 द्वारा vyomatara Oyy Mr. Vampire - 1 द्वारा kusum kumari बारह बरश का इंतज़ार - 2 द्वारा kusum kumari Second Chance - 1 द्वारा wang pang अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी