कहानी एक लड़की के मन की स्थिति को दर्शाती है, जो खुद को सवाल करती है कि उसने क्या गलत किया और क्यों उसे इतनी बड़ी सजा मिली। वह अपने अतीत की यादों में खो जाती है और पुरानी खुशियों को याद करने की कोशिश करती है। उसकी दोस्त मनीषा उसे पिक्चर देखने के लिए बुलाती है, जिससे वह बाहर निकलती है। बाहर निकलते ही, एक परिचित नजर उसका पीछा करती है, जो उसे रोज देखती है। लड़की और उसकी दोस्त मनीषा कॉलेज में मस्ती और बेफिक्री से समय बिताती हैं। पिक्चर देखने के बाद, वे दोनों फास्ट फूड के लिए जाती हैं और फिर घर लौटती हैं। घर लौटने पर, वह फिर से उसी नजर का सामना करती है, जो उसे झुंझलाती है। फिर वह अपने कमरे में जाकर अपनी भावनाओं को डायरी में लिखती है, जो उसकी सच्ची सहेली है। कहानी उसके अंतर्मन की गहराई और जज्बातों को बयां करती है। ह्रदयघात Nirmala Barwar द्वारा हिंदी लघुकथा 19.8k 1.8k Downloads 6.1k Views Writen by Nirmala Barwar Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ह्रदयघात .. एक दर्द भरी कहानी More Likes This तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal क्या सब ठीक है - 5 द्वारा Narayan Menariya बारह बरश का इंतज़ार - 1 द्वारा kusum kumari कालू की पहाड़ी - 1 द्वारा RAAHULL SHARMA अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी