इस कहानी में श्रीकांत और राजलक्ष्मी के बीच की बातचीत और भावनाओं का वर्णन है। साधुजी की विदाई के बाद, श्रीकांत को महसूस होता है कि उनके जीवन में एक बड़ा खालीपन आ गया है, भले ही वह साधुजी के साथ ज्यादा समय नहीं बिताए थे। वह अपनी अवस्था को लेकर चिंतित नहीं है, क्योंकि राजलक्ष्मी के प्रति उसकी आस्था ने उसे दुनियादारी की चिंताओं से मुक्त कर दिया है। राजलक्ष्मी कमरे में प्रवेश करती है और उसकी थकान के बारे में बात होती है। श्रीकांत राजलक्ष्मी की मेहनत की सराहना करता है। इसके बाद, वे साधुजी के वापस लौटने की संभावनाओं पर चर्चा करते हैं। राजलक्ष्मी जानना चाहती है कि साधुजी कहाँ-कहाँ जाएंगे, लेकिन श्रीकांत का मानना है कि साधुजी के लौटने की कोई संभावना नहीं है। इस संवाद में, दोनों के बीच एक गहरा भावनात्मक संबंध और चिंता का माहौल बना हुआ है, जो उनके जीवन की अनिश्चितता को दर्शाता है। श्रीकांत राजलक्ष्मी से साधुजी की पहचान के बारे में भी पूछता है, जो उनके रिश्ते की जटिलता को और बढ़ाता है। श्रीकांत - भाग 11 Sarat Chandra Chattopadhyay द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 3.1k 2.9k Downloads 10.3k Views Writen by Sarat Chandra Chattopadhyay Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण साधुजी खुशी से चले गये। उनकी विहार-व्यथा ने रतन को कैसा सताया, यह उससे नहीं पूछा गया, सम्भवत: वह ऐसी कुछ सांघातिक न होगी। और एक व्यक्ति को मैंने रोते-रोते कमरे में घुसते देखा अब तीसरा व्यक्ति रह गया मैं। उस आदमी के साथ पूरे चौबीस घण्टे की भी मेरी घनिष्ठता न थी, फिर भी मुझे ऐसा मालूम होने लगा मानो हमारी इस अनारब्ध गृहस्थी में वह एक बड़ा-सा छिद्र कर गया है। और जाते वक्त यह भी न बता गया कि आखिर यह अनिष्ट अपने आप ही ठीक हो जायेगा या स्वयं वही, फिर एक दिन इसी तरह अकस्मात् अपनी दवाओं की भारी पेटी लादे, इसे मरम्मत करने सशरीर आ पहुँचेगा। और मुझे स्वयं कोई भारी उद्वेग हो रहा हो, सो नहीं। Novels श्रीकांत मेरी सारी जिन्दगी घूमने में ही बीती है। इस घुमक्कड़ जीवन के तीसरे पहर में खड़े होकर, उसके एक अध्याापक को सुनाते हुए, आज मुझे न जाने कितनी बातें याद आ रह... More Likes This उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware बेवफाई की सजा - 1 द्वारा S Sinha RAJA KI AATMA - 1 द्वारा NOMAN अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी