इस कहानी में श्रीकांत एक महत्वपूर्ण अनुभव से गुजरते हैं। वह अपनी पूर्व की घटना को याद करते हैं, जब उन्होंने अपने गाँव के बाबा और राजलक्ष्मी के सामने एक नाटकीय बयान दिया था। बाबा के जाने के बाद, राजलक्ष्मी इस बात पर नाराजगी प्रकट करती हैं कि श्रीकांत ने अपमानित करने वाली बातें कीं। राजलक्ष्मी का चेहरा श्रीकांत के लिए एक महत्वपूर्ण चित्र बन जाता है, जिसे वह कभी नहीं भूल पाते। राजलक्ष्मी अपने अनुभव को साझा नहीं कर पातीं और श्रीकांत मौन रह जाते हैं। उन्हें समझ में आता है कि राजलक्ष्मी को अपमानित किया गया है और वह इस स्थिति में कुछ नहीं कर पाते। राजलक्ष्मी जल्दी से यात्रा की तैयारी करने लगती हैं और श्रीकांत बिना किसी प्रश्न के गाड़ी में बैठ जाते हैं। कहानी के अंत में, श्रीकांत अपने गाँव को छोड़ने के अनुभव को दर्शाते हैं, जहाँ न तो किसी ने उनका स्वागत किया और न ही विदाई दी। वह अपने गाँव के प्रति कभी भी विशेष प्रेम नहीं रखते थे, लेकिन इस बार बहुत अनादर के साथ गाँव छोड़ते हैं। इस प्रकार, कहानी में भावनाओं, अपमान और विदाई के अनुभवों का गहरा चित्रण किया गया है। श्रीकांत - भाग 10 Sarat Chandra Chattopadhyay द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 3.4k 3.2k Downloads 12.2k Views Writen by Sarat Chandra Chattopadhyay Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण एक दिन जिस भ्रमण-कहानी के बीच ही में अकस्मात् यवनिका डालकर बिदा ले चुका था, उसको फिर किसी दिन अपने ही हाथ से उद्धाटित करने की प्रवृत्ति मुझमें नहीं थी। मेरे गाँव के जो बाबा थे वे जब मेरे उस नाटकीय कथन के उत्तर में सिर्फ जरा-सा मुसकराकर रह गये, और राजलक्ष्मी के जमीन से लगाकर प्रणाम करने पर, जिस ढंग से हड़बड़ाकर, दो कदम पीछे हटकर बोले, 'ऐसी बात है क्या? अहा, अच्छा हुआ, अच्छा हुआ,- जीते रहो, खुश रहो!' और फिर डॉक्टर को साथ लेकर बाहर चले गये, Novels श्रीकांत मेरी सारी जिन्दगी घूमने में ही बीती है। इस घुमक्कड़ जीवन के तीसरे पहर में खड़े होकर, उसके एक अध्याापक को सुनाते हुए, आज मुझे न जाने कितनी बातें याद आ रह... More Likes This When Miracles Happen - 2 द्वारा fiza saifi I’m Not Fake, I’m Real - CHAPTER 1 द्वारा TEGICMATION किडनी का तोह्फ़ा - 1 द्वारा S Sinha वो आखिरी मुलाकात - 1 द्वारा veerraghawan Beyond the Pages - 1 द्वारा cat रूहों का सौदा - 1 द्वारा mamta लाल पत्थर का राज - भाग 1 द्वारा Anil singh अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी