कहानी "घीसू" जयशंकर प्रसाद द्वारा लिखी गई है। यह एक संगीत प्रेमी व्यक्ति, घीसू, के जीवन के संघर्ष और उसकी भावनाओं को दर्शाती है। घीसू को गाना पसंद है, लेकिन जब कोई उसे नहीं सुनता, तो वह अकेले में अपने लिए गाता है। वह अक्सर नए स्थानों पर जाता है, लेकिन हर रात नंदू बाबू के पास पहुँच जाता है, जहाँ वह बीन बजाते हैं। कहानी में बिंदो नाम की एक महिला का भी जिक्र है, जो घीसू के जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। उनके बीच कुछ गलतफहमियाँ होती हैं, जिससे बिंदो दुखी हो जाती है। घीसू खुद को असहाय महसूस करता है, क्योंकि वह बिंदो को अपने घर नहीं बुला सकता। एक अन्य पात्र गोविंदराम उसे रहने की जगह देने की पेशकश करता है, जिससे घीसू को थोड़ी राहत मिलती है। कहानी का अंत इस बात पर होता है कि घीसू अब भी अपनी दुकान पर बैठता है, लेकिन अब वह और बिंदो एक-दूसरे के साथ खुश नहीं हैं, वे बस एक-दूसरे को देखकर मुस्कुराते हैं। यह कहानी अकेलेपन, प्रेम और सामाजिक परिस्थितियों की गहराई को दर्शाती है। धीसू Jayshankar Prasad द्वारा हिंदी लघुकथा 22k 3.1k Downloads 10.7k Views Writen by Jayshankar Prasad Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण घीसू जयशंकर प्रसाद की कहानियाँ जयशंकर प्रसाद © COPYRIGHTS This book is copyrighted content of the concerned author as well as Matrubharti. Matrubharti has exclusive digital publishing rights of this book. Any illegal copies in physical or digital format are strictly prohibited. Matrubharti can challenge such illegal distribution / copies / usage in court. घीसू सन्ध्या की कालिमा और निर्जनता में किसी कुएँ पर नगर के बाहरबडी ह्रश्वयारी स्वर-लहरी गूँजने लगती। घीसू को गाने का चस्का था। परन्तुजब कोई न सुने, वह अपनी बूटी अपने लिए घोंटता और आप ही पीता। जब उसकी रसीली तान दो-चार को पास बुला लेती, Novels जयशंकर प्रसाद की कहानियाँ जयशंकर प्रसाद की कहानियाँ जयशंकर प्रसाद © COPYRIGHTS This book is copyrighted content of the concerned author as well as Matrubharti. Matrubharti has... More Likes This किराए का घर द्वारा Vandna Sharma First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी