कहानी "लौटते हुए" एक गाँव के पुराने बंगले की चर्चा करती है, जहाँ गाँव के मुखिया राम टहल बाबा की देखरेख में विभिन्न कार्य होते थे। समय के साथ, वह बंगला मटियामेट हो गया, लेकिन गाँव के लोग अब नए बरामदे को भी उसी प्रकार मानते हैं। मुखिया बलेसर बाबा, जो राम टहल बाबा के नाती हैं, न्याय के लिए प्रसिद्ध हैं और आज गाँव में एक महत्वपूर्ण मुद्दे का फैसला होने वाला है। गाँव में छितेश्वर काका के बारे में चर्चा हो रही थी, जो एक कोने में बैठे थे। उनकी आँखें देवकली पर टिकी थीं, जो चिंता में डूबी हुई थी। छितेश्वर काका को पूर्वाभास होता है कि आज का फैसला उनके लिए महत्वपूर्ण होगा। कहानी में देवकली का जिक्र है, जो अमरेश के साथ प्रेम संबंध में थी, लेकिन अमरेश ने उसे धोखा देकर भाग गया। इससे गाँव में हंगामा खड़ा हो गया। गाँव की भीड़ उस दिन के घटनाक्रम को याद करती है, जब देवकली को सजा देने के लिए सभा में लाया गया था। यह कहानी गाँव के सामाजिक ताने-बाने और मानवीय भावनाओं के संघर्ष को दर्शाती है। लौटते हुए Bhagwati Prasad Dwivedi द्वारा हिंदी लघुकथा 8.7k 1.9k Downloads 6.3k Views Writen by Bhagwati Prasad Dwivedi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण लौटते हुए ‘बंगला' खचाखच भरा हुआ था । सभी लोग आ—आकर बैठते जा रहे थे । कहते हैं, बहुत पहले यहाँ दूसरा बंगला बना हुआ था । तब विदेशी हुकूमत थी । गाँव के मुखिया थे राम टहल बाबा । उन्हीं की देखरेख में बंगले की सारी कार्यवाही हुआ करती थी । कलक्टर, दरोगा, सिपाही—जो भी गाँव में आता, सबसे पहले उसी बंगले में बैठाया जाता था । जमकर आव—भगत होती । राम टहल बाबा उनसे घुल—मिलकर बातें करते और पिफर गाँव के जिस किसी से उन्हें मिलना रहता, तत्काल वहीं बुलवाया जाता । गाँव के अनगिनत लठैत भी बाबा की More Likes This प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी