कहानी में मनोज और विशाल, दो दोस्त, शाम को दफ्तर से निकलते हैं और सरकारी छुट्टियों के बारे में चर्चा करते हैं। मनोज चिंतित है कि उसकी पत्नी रेनू का इंटरव्यू है और वह चाहता है कि कल कोई सरकारी छुट्टी न हो। दोनों इस पर बहस करते हैं कि गांधी जी की पुण्यतिथि पर छुट्टी होती है या नहीं। विशाल का कहना है कि नहीं होती, जबकि मनोज का तर्क है कि सरकारी कर्मचारी साल में बहुत कम काम करते हैं और अधिक छुट्टियां मनाते हैं। इस चर्चा के दौरान, एक बूढ़ा व्यक्ति उनके पास आता है और उनसे बात करने के लिए कहता है। बूढ़े की मुस्कान और चेहरा मनोज और विशाल को जानी-पहचानी सी लगती है, लेकिन वे यह नहीं समझ पाते कि उसे कहीं देखा है। बूढ़ा उन्हें अपनी बातों से आकर्षित करता है और उन्हें अपने पास आने के लिए आमंत्रित करता है। कहानी में संवाद और पात्रों की चिंताओं के माध्यम से सरकारी दफ्तरों की कार्यप्रणाली और छुट्टियों के मुद्दे पर एक हल्का-फुल्का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया है। इस बूढ़े को कहीं देखा है Ratan Chand Ratnesh द्वारा हिंदी लघुकथा 6.1k 1.7k Downloads 9.6k Views Writen by Ratan Chand Ratnesh Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण इस बूढ़े को आपने भी कहीं देखा होगा। आपके आसपास ही तो रहता है वह जिसके प्रति आप न सिर्फ आंखें मूंदे हुए हैं बल्कि उनके आदर्शों को भी भूलाते जा रहे हैं। ज़रा फिर से पहचानिए उसे, रतन चंदे रत्नेश की इस कहानी के माध्यम से... More Likes This कालू की पहाड़ी - 1 द्वारा RAAHULL SHARMA खामोश बेटी - 1 द्वारा blue sky and purple ocean मुक्त - भाग 14 द्वारा Neeraj Sharma पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-1 द्वारा Anil Kundal Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी