"वे दिन जो कभी ढले नहीं" शीर्षक संस्मरण में लेखक श्याम बिहारी श्यामल ने अपने जीवन के अतीत की यादों को साझा किया है, विशेषकर 1980 के दशक में सुनने वाले एक काव्यांश की। उन्होंने कवि हरिवंश प्रभात के एक गीत का उल्लेख किया, जो उनके मन में गहराई से अंकित है। लेखक ने अपनी साहित्यिक यात्रा के दौरान कई महान रचनाकारों की रचनाओं को पढ़ने और याद करने के अनुभवों को साझा किया है। वे इस बात पर विचार करते हैं कि कैसे हरिवंश प्रभात की रचनाएँ, जो कि उत्कृष्टता के योग्य हैं, फिर भी समय और समाज की सीमाओं के कारण सही मान्यता नहीं प्राप्त कर पाईं। लेखक यह स्वीकार करते हैं कि यह केवल कवि की कमी नहीं बल्कि उस समय और समाज की विफलता भी है, जिसमें प्रतिभाशाली रचनाकारों को पहचान नहीं मिलती। इस संस्मरण में श्यामल ने साहित्य के प्रति अपने प्रेम और उसके प्रभाव को भी दर्शाया है। we din jo kabhi dhale naheen Shyam Bihari Shyamal द्वारा हिंदी लघुकथा 773 2.2k Downloads 8.2k Views Writen by Shyam Bihari Shyamal Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण पलामू ( पहले बिहार और अब झारखंड का पिछड़ा जिला ) में बीते लेखकीय जीवन के शुरुआती दिनों की स्मृति व उन लोगों की यादें, जो मन-मिजाज पर हमेशा छायी-सी रहती हैं और जिनकी छाया हर रचना पर किसी न किसी रूप में आहस्तिे उतर आया करती है। More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी