इस कहानी में एक व्यक्ति एक ठंडी शाम को अपने घर में बैठा है और अपने मोबाइल पर संपर्कों के नामों को देख रहा है। जब वह "दीपक शर्मा" का नाम पढ़ता है, तो उसे उसका चेहरा याद नहीं आता, जिससे वह परेशान हो जाता है। वह सोचता है कि दीपक शर्मा कौन हो सकता है, और उसकी पहचान को खोजने के लिए प्रयास करता है। वह अपने पुराने सहकर्मियों और परिचितों के बारे में सोचता है, लेकिन दीपक शर्मा का कहीं कोई सुराग नहीं मिलता। अंततः, वह इस नाम को ढूंढने की ठान लेता है, लेकिन उसे निराशा ही हाथ लगती है। कहानी में व्यक्ति की यादों और पहचान की खोज का संघर्ष प्रमुखता से उभरता है। दीपक शर्मा कौन है Ratan Chand Ratnesh द्वारा हिंदी लघुकथा 6.2k 1.7k Downloads 9.5k Views Writen by Ratan Chand Ratnesh Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण एक ऐसी कहानी जिसका अंत न सिर्फ आपको चौंकाएगा बल्कि आपके मन में कई प्रश्न खड़ा करेगा। अलबत्ता आप उस प्रश्न का उत्तर भी तत्काल अपने मन में गढ़ लेंगे। वह उत्तर क्या है, कहानीकार भी जानना चाहेगा। अत: अपने विचारों से हमें भी अवगत कराएंगे, इसी आशा के साथ। पढ़िए रतन चंद रत्नेश की यह कहानी... More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी