बस्ते का बोझ या समझ kaushlendra prapanna द्वारा मानवीय विज्ञान में हिंदी पीडीएफ

बस्ते का बोझ या समझ

kaushlendra prapanna द्वारा हिंदी मानवीय विज्ञान

बस्ते का बोझ या समझ का बोझा कौशलेंद्र प्रपन्न बच्चों पर बस्ते के बोझ से ज्यादा समझ और पढ़ने का बोझा है। समझने से अर्थ लिखे हुए टेक्स्ट को पढ़कर समझना है। प्रो यशपाल ने 1992 में अपनी रिपोर्ट में माना ...और पढ़े