कहानी "आकाशदीप" में दो बंदी, एक पुरुष और एक महिला, समुद्र में एक नाव पर बंधे हुए हैं। महिला, जिसका नाम चंपा है, पुरुष को आश्वासन देती है कि यह उचित समय है मुक्त होने का, क्योंकि आज उनके बंधन ढीले हैं। दोनों मिलकर एक योजना बनाते हैं और लहरों के बीच एक-दूसरे की मदद करते हैं। जब दोनों बंधन से मुक्त हो जाते हैं, तो उन्हें पता चलता है कि वे एक-दूसरे से संबंध बना चुके हैं। चंपा, अपने साहस और चतुराई के साथ, एक नाविक से कृपाण चुराकर मुक्त होती है। इस बीच, समुद्र में एक भीषण आँधी आती है और नाव हिलने लगती है। आँधी के बीच, दोनों बंधी हंसते हैं और अपनी मुक्ति का जश्न मनाते हैं। अंततः, जब नाविकों को यह पता चलता है कि वे मुक्त हो चुके हैं, तो नायक बुधगुह्रश्वत से पूछता है कि उसे मुक्त किसने किया। चंपा की मदद से, बुधगुह्रश्वत नायक को चुनौती देता है कि जो भी विजयी होगा, वह नाव का स्वामी बनेगा। कहानी में साहस, स्वतंत्रता की चाह और संघर्ष का तत्व प्रमुखता से उपस्थित है। Aakashdeep Jayshankar Prasad द्वारा हिंदी लघुकथा 7.8k 6.6k Downloads 31k Views Writen by Jayshankar Prasad Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण आकाशदीप जयशंकर प्रसाद की कहानियाँ जयशंकर प्रसाद © COPYRIGHTS This book is copyrighted content of the concerned author as well as Matrubharti. Matrubharti has exclusive digital publishing rights of this book. Any illegal copies in physical or digital format are strictly prohibited. Matrubharti can challenge such illegal distribution / copies / usage in court. आकाशदीप “बन्दी!” “क्या है? सोने दो।” “मुक्त होना चाहते हो?” “अभी नहीं, निद्रा खुलने पर, चुप रहो।” “फिर अवसर न मिलेगा।” “बडा शीत है, कहीं से एक कम्बल डालकर कोई शीत से मुक्तकरता।” “आँधी की सम्भावना है। यही अवसर है। आज मेरे बन्धनशिथिल है।” “तो क्या Novels जयशंकर प्रसाद की कहानियाँ जयशंकर प्रसाद की कहानियाँ जयशंकर प्रसाद © COPYRIGHTS This book is copyrighted content of the concerned author as well as Matrubharti. Matrubharti has... More Likes This चंदौली की चुनार - 1 द्वारा Swati Yadav कोन्निचिवा: माय देसी लव - 1 द्वारा Kajal Soam किराए का घर द्वारा Vandna Sharma First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी