"शोक वंचिता" कहानी में दमयंती नाम की एक महिला की मानसिक स्थिति का वर्णन किया गया है, जो अपने पति जतिन की मृत्यु के बाद गहरे शोक में डूबी हुई है। कहानी की शुरुआत रात के डेढ़ बजे होती है, जब दमयंती बिस्तर से उठकर खिड़की के पास बैठ जाती है। उसके अंदर एक गहरा अंधेरा है, और वह अपने मृत पति की यादों में खोई हुई है। दमयंती की छोटी बहन अरुणा उसके साथ है और दोनों के बीच एक मौन है। वे दोनों सफेद आकृतियों और जतिन की आहटों के बारे में बात करती हैं। जतिन की मृत्यु को बयालीस दिन हो चुके हैं, और उसकी आवाजें और संदेश अभी भी दमयंती को डराते हैं। वह अंधेरे में अपने पति की यादों से जूझ रही है, जो उसे हर समय भयभीत करते हैं। अरुणा, जो अपनी बहन की पीड़ा को समझने की कोशिश कर रही है, यह देखती है कि दमयंती की स्थिति बहुत गंभीर है। वह चाहती है कि दमयंती अपने भावनाओं को व्यक्त करे, लेकिन दमयंती बस एक पत्थर की तरह चुप है। कहानी अंत में दमयंती की मां के दुःख में बदल जाती है, जो अपने पोते के पास सोयी हुई है और उसके साथ की शांति को देखकर सिसक उठती है। कहानी शोक, यादों और मानसिक संघर्ष का गहरा चित्रण करती है, जहाँ एक औरत अपने प्रिय की अनुपस्थिति को सहन करने की कोशिश कर रही है। शोक वंचिता Ashok Gupta द्वारा हिंदी लघुकथा 1.6k 1.9k Downloads 7.5k Views Writen by Ashok Gupta Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण उस समय रात के डेढ़ बज रहे थे... कमरे की लाईट अचानक जली और रौशनी का एक टुकड़ा खिड़की से कूद कर नीचे आँगन में आ गिरा. लाईट दमयंती नें जलाई थी. वह बिस्तर से उठी और खिड़की के पास आ कर बैठ गयी. उसके बाल खुले थे, चेहरा पथराया हुआ था लेकिन आँखें सूखी थीं. दमयंती नें खिड़की के बाहर अपनी निगाह टिका दी. चारों तरफ घुप्प अँधेरा था, लेकिन दमयंती को भला देखना ही क्या था अँधेरे के सिवाय..? More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी