कहानी "आग में तपा हुआ सोना" सुमित्रा देवी और उनकी बेटी रमा के जीवन की कठिनाइयों पर आधारित है। सुमित्रा देवी अपनी उम्र और स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद अपनी बेटी के घर जाती हैं। रमा अपनी छह साल की बेटी रुचि के साथ किराए के मकान में रहती है। कहानी में सुमित्रा देवी की चिंता और रमा की पीड़ा को दर्शाया गया है, जब रमा अपने पति की मृत्यु के बाद अपने माता-पिता के घर से दूर जाकर एक छोटे से फ्लैट में रहने लगती है। रमा की शिक्षा और नौकरी के बावजूद, वह अपने परिवार में उपेक्षित महसूस करती है और अपनी बेटी के भविष्य को लेकर चिंतित है। सुमित्रा देवी को समझ में आता है कि रमा अपने भाइयों और भाभियों के लिए बोझ बन गई है, और यह उसकी दुखद स्थिति को और भी कठिन बना देता है। रमा का संघर्ष और आत्म-विश्वास की कमी उसके जीवन की चुनौतियों को उजागर करती है। कहानी में परिवार के संबंधों और सामाजिक दबावों का भी उल्लेख है, जो रमा और सुमित्रा देवी के जीवन को प्रभावित करते हैं। आग में तपा हुआ सोना Ratan Chand Ratnesh द्वारा हिंदी लघुकथा 2.9k 1.6k Downloads 13.2k Views Writen by Ratan Chand Ratnesh Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण एक संघर्षशील महिला की जीजिविषा को वयां करती प्रेरक व संवेदनशील कहानी सुप्रसिद्ध कथाकार रतन चंद रत्नेश की कलम से। More Likes This नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी