इस कहानी में narrator अपने बचपन के मित्र राजू की यादों को साझा करता है। राजू एक साधारण, मंदबुद्धि और तुतलाते हुए व्यक्ति है, जो गांव में प्यार से पला-बढ़ा है। गाँव की जीवनशैली में लोग एक-दूसरे के प्रति सहानुभूति रखते हैं, और राजू भी इसी माहौल में बड़ा हुआ। हालाँकि, राजू अक्सर मजाक का शिकार बनता है, खासकर जब लोग उसे 'मेम्बर' कहते हैं, जिसे वह बुरा मानता है। कहानी में narrator और उसके दोस्तों की शरारतें भी शामिल हैं, जैसे एक बार राजू को सोते हुए उठाकर श्मशान ले जाना, जिससे वह घबरा जाता है। इस घटना के बाद, राजू narrator को 'हरिया' कहकर चिढ़ाता है, जो उसके नाम का मजाक है। समय के साथ, narrator की गांव में आने की आदत कम होती जाती है, और राजू भी शहर में काम करने चला जाता है। यह कहानी न केवल राजू के जीवन की झलक देती है, बल्कि गांव के जीवन और संबंधों की मजबूती को भी उजागर करती है। अप्रासंगिक Manish Kumar Singh द्वारा हिंदी लघुकथा 2.4k 1.5k Downloads 6.4k Views Writen by Manish Kumar Singh Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अच्छे और ईमानदार लोग अगर दुनिया के छल-कपट से दूर रहते हैं तो उन्हें हाशिए पर धकेलने में समाज देर नहीं लगाता है। लेकिन इसके बावजूद ऐसे ईमानदार लोगों का महत्व रहता है। More Likes This पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-1 द्वारा Anil Kundal Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar डायरी का वो आखरी पन्ना - 4 द्वारा Std Maurya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी