इस कहानी में श्रीकांत मोदी के पास जाकर एक महिला के बारे में जानकारी प्राप्त करता है, जिसने अपने पति के ऋण चुकाने के लिए अपने गहने बेचे और बिना किसी को बताये घर से निकल गई। मोदी उसे याद करते हैं और बताते हैं कि महिला के पास केवल कुछ पैसे थे जब वह चली गई। श्रीकांत को यह जानकर गर्व होता है कि उसने महिला को पैसे देने का प्रयास किया, लेकिन वह उसे नहीं स्वीकार करती। समय के साथ, श्रीकांत अपने अभिमान को छोड़ देता है और समझता है कि उसने ऐसा कोई पुण्य नहीं किया जो महिला को मदद कर सके। वह सोचता है कि ईश्वर ने उस महिला को इतना दुख क्यों दिया, जबकि वह सती और सावित्री जैसी महिलाओं के समान थी। वह भगवान से सवाल करता है कि क्यों ऐसी समर्पित स्त्री को समाज से बाहर कर दिया गया और उसके दुखों को क्यों नहीं मिटाया गया। कहानी में श्रीकांत की अंतर्दृष्टि और संवेदनशीलता दिखाई देती है, जब वह महिला के प्रति अपनी श्रद्धा और सहानुभूति व्यक्त करता है। श्रीकांत - भाग 3 Sarat Chandra Chattopadhyay द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 18.8k 17.9k Downloads 29.6k Views Writen by Sarat Chandra Chattopadhyay Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण आज मैं अकेला जाकर मोदी के यहाँ खड़ा हो गया। परिचय पाकर मोदी ने एक छोटा-सा पुराना चिथड़ा बाहर निकाला और गाँठ खोलकर उसमें से दो सोने की बालियाँ और पाँच रुपये निकाले। उन्हें मेरे हाथ में देकर वह बोला, 'बहू ये दो बालियाँ मुझे इकतीस रुपये में बेचकर शाहजी का समस्त ऋण चुकाकर, चली गयी हैं। किन्तु कहाँ गयी हैं सो नहीं मालूम।' इतना कहकर वह किसका कितना ऋण था इसका हिसाब बतलाकर बोला, 'जाते समय बहू के हाथ में कुल साढ़े पाँच आने पैसे थे।' अर्थात् बाईस पैसे लेकर उस निरुपाय निराश्रय स्त्री ने संसार के सुदुर्गम पथ में अकेले यात्रा कर दी है! Novels श्रीकांत मेरी सारी जिन्दगी घूमने में ही बीती है। इस घुमक्कड़ जीवन के तीसरे पहर में खड़े होकर, उसके एक अध्याापक को सुनाते हुए, आज मुझे न जाने कितनी बातें याद आ रह... More Likes This LAST STAGE - 1 द्वारा Muhib Khan K Pop मेरा पति - 1 द्वारा shreya उम्मीदों की छाँव - अध्याय 1 द्वारा mahendr Kachariya कोहरे का पुराना पुल और अंदर की आवाज - भाग 2 द्वारा Vishakha Pareek SHADOW'S WORLD - CHAPTER 1 द्वारा Ansul Fouzdar कालचक्रः धुंध में छुपा सच - 1 द्वारा Avinash कहानी एक लड़की की - भाग 1 द्वारा Vishakha Pareek अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी