नीरू एक सजीव, समर्पित मां और पत्नी है जो हर सुबह सूरज की पहली किरण के साथ उठती है। वह अपने परिवार के लिए दिन की शुरुआत करती है, जिसमें उसके बेटे जीत और बेटी पिंकी की आवश्यकताएं शामिल होती हैं। नीरू के ससुर और सास की भी अपनी-अपनी मांगें हैं, जिससे नीरू को अपने कामों में भाग-दौड़ करनी पड़ती है। वह अपने परिवार की खुशियों के लिए दिन-रात मेहनत करती है, लेकिन कभी-कभी अपनी खुशी और अपने लिए समय निकालने की इच्छा को नजरअंदाज कर देती है। नीरव, उसका पति, चाहता है कि नीरू उस पर थोड़ा ध्यान दे, लेकिन नीरू की व्यस्तता के कारण वह अक्सर उसकी भावनाओं को समझ नहीं पाता। आज नीरू की शादी की सालगिरह है, लेकिन घर में किसी को इसकी याद नहीं है। सभी अपने कामों में व्यस्त हैं और नीरू की खुशियों को नजरअंदाज कर रहे हैं। यह कहानी नीरू की जिंदगी की व्यस्तता और उसके त्याग को दर्शाती है, साथ ही यह भी दिखाती है कि एक महिला का सपना परिवार को समर्पित रहना होता है। मेरी ख़ुशी Shanti Purohit द्वारा हिंदी लघुकथा 18.4k 2.1k Downloads 9.6k Views Writen by Shanti Purohit Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण मेरी ख़ुशी ,मेरी मौलिक ,अप्रकाशित रचना है More Likes This मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 1 द्वारा Aloka Patel Anime - 2 द्वारा shifa आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan कहाँ खो गया वह होशियार अजय - 1 द्वारा Anamika ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी