"सिकन्दर की शपथ" कहानी में सिकन्दर और उसकी यूनानी सेना एक दुर्ग पर आक्रमण कर रही है। दुर्ग 'मिंगलौर' की दीवारें तोड़ने के प्रयास में यूनानी सैनिक तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन भारतीय वीरों की एक छोटी सेना, जो केवल सात हजार की संख्या में हैं, उन्हें पराजित कर रही है। सिकन्दर, जो गाजा और परसिपोलिस जैसे स्थानों का विजेता है, इस छोटे से दुर्ग को जीतने में असमर्थता का अनुभव कर रहा है और उदास होकर अपने कैंप में लौट जाता है। रात का अंधकार बढ़ने पर, सिकन्दर एक योजना तैयार करने के उद्देश्य से एक सैनिक को भेजता है। वह खुद भी दुर्ग के टूटे हुए हिस्से की ओर बढ़ता है, जहां वह एक मशाल के प्रकाश में छिपा होता है। उसके हाथ में धनुष और बाण हैं, और उसका चेहरा गंभीर विचारों में डूबा हुआ है। अचानक, एक अन्य व्यक्ति सिकन्दर के पास आता है और उसे सूचित करता है कि समय बर्बाद न करें। सिकन्दर तुरंत एक विषमय बाण छोड़ता है, जिसका निशाना सही होता है और वह दुर्ग पर टहलते हुए व्यक्ति को नीचे गिरा देता है। कहानी में युद्ध, साहस, और रणनीति के तत्व स्पष्ट होते हैं, साथ ही सिकन्दर की कठिनाइयों और संघर्षों का भी चित्रण किया गया है। Sikandar ki Sapath Jayshankar Prasad द्वारा हिंदी लघुकथा 5.6k 8.4k Downloads 21k Views Writen by Jayshankar Prasad Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सिकन्दर की शपथ जयशंकर प्रसाद की कहानियाँ जयशंकर प्रसाद © COPYRIGHTS This book is copyrighted content of the concerned author as well as Matrubharti. Matrubharti has exclusive digital publishing rights of this book. Any illegal copies in physical or digital format are strictly prohibited. Matrubharti can challenge such illegal distribution / copies / usage in court. सिकन्दर की शपथ सूर्य की चमकीली किरणों के साथ, यूनानियों के बरछे की चमकसे ‘मिंगलौर दुर्ग’ घिरा हुआ है। यूनानियों के दुर्ग तोड़ने वाले यन्त्र दुर्गकी दीवालों से लगा दिए गए हैं और वे अपना कार्य बड़ी शीघ्रता केसाथ कर रहे हैं। दुर्ग की Novels जयशंकर प्रसाद की कहानियाँ जयशंकर प्रसाद की कहानियाँ जयशंकर प्रसाद © COPYRIGHTS This book is copyrighted content of the concerned author as well as Matrubharti. Matrubharti has... More Likes This उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai मां... हमारे अस्तित्व की पहचान - 3 द्वारा Soni shakya शनिवार की शपथ द्वारा Dhaval Chauhan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी