यह कहानी मैडम लता शर्मा की है, जो एक रिटायर जिला-शिक्षा अधिकारी हैं। वह अपनी पोती रश्मि को कोचिंग क्लास में पढ़ाने के लिए कैमेस्ट्री टीचर मैडम माथुर से मिलने गई थीं। मैडम माथुर से बात करते समय लता जी को यह महसूस हुआ कि अब टीचर उन्हें पहचान नहीं पातीं, जिससे वह निराश हुईं। मैडम माथुर अपनी व्यस्तताओं और स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देकर और लड़कियों को पढ़ाने में असमर्थता जताती हैं। लता जी, जो अपने समय की एक प्रसिद्ध कैमिस्ट्री टीचर थीं, ने कठिनाईयों का सामना करते हुए सरकारी नौकरी शुरू की थी, जबकि उनका सपना कॉलेज लेक्चरर बनने का था। उन्होंने कड़ी मेहनत से पहले स्कूल लेक्चरर की परीक्षा पास की और लड़कियों को पढ़ाने का कार्य किया। वह पढ़ाई को सेवा समझती थीं और कभी भी पैसे नहीं लेती थीं। कहानी में लता जी की शादी वन-विभाग के फारेस्ट ऑफिसर मिस्टर शर्मा से होती है, जिसके बाद वह मिसेज शर्मा बन जाती हैं। यह कहानी न केवल उनकी मेहनत और समर्पण को दर्शाती है, बल्कि शिक्षा के प्रति उनके दृष्टिकोण को भी उजागर करती है। फिर हुई मुलाकात Shanti Purohit द्वारा हिंदी लघुकथा 8.8k 1.3k Downloads 5.1k Views Writen by Shanti Purohit Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण मेरी तीसरी कहानी फिर हुई मुलाकात More Likes This नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी