"शरणागत" जयशंकर प्रसाद की एक कहानी है, जिसमें एक सुबह यमुना के तट पर कुछ महिलाएँ स्नान कर रही होती हैं। अचानक एक महिला, जो बहुत ही सुकुमारी है, पानी में गिर जाती है। उसकी सहेलियाँ घबरा जाती हैं और उसे खोजने लगती हैं। तभी एक छोटी नाव में एक अंग्रेज और उसकी पत्नी उसे बचाकर लाते हैं, जो सिपाही विद्रोह से भागकर आए हैं। जब सुकुमारी तट पर पहुँचती है, उसकी सहेलियाँ उसे घेर लेती हैं और रोने लगती हैं। इस घटना के बाद गाँव के जमींदार किशोर सिंह भी वहाँ पहुँचते हैं और अंग्रेज दंपती को अपने यहाँ आने के लिए आमंत्रित करते हैं। किशोर सिंह, विल्फर्ड (अंग्रेज) और एलिस (विल्फर्ड की पत्नी) के साथ बातचीत करते हैं। सुकुमारी लज्जित है और बैठने में संकोच कर रही है। एलिस उसे बैठने के लिए प्रोत्साहित करती है, लेकिन सुकुमारी शर्माती है और वहाँ से भाग जाती है। कहानी में एक भावनात्मक एक्सचेंज और सामाजिक मान्यताओं का चित्रण है, जो सुकुमारी की स्थिति को दर्शाता है। Sharnagat Jayshankar Prasad द्वारा हिंदी लघुकथा 14.9k 6.2k Downloads 35.4k Views Writen by Jayshankar Prasad Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण शरणागत जयशंकर प्रसाद की कहानियाँ जयशंकर प्रसाद © COPYRIGHTS This book is copyrighted content of the concerned author as well as Matrubharti. Matrubharti has exclusive digital publishing rights of this book. Any illegal copies in physical or digital format are strictly prohibited. Matrubharti can challenge such illegal distribution / copies / usage in court. शरणागत प्रभात-कालीन सूर्य की किरणें अभी पूर्व के आकाश में नहीं दिखाईपड़ती हैं। तारों का क्षीण प्रकाश अभी अम्बर में विद्यमान है। यमुना केतट पर दो-तीन रमणियाँ खड़ी हैं; और दो - यमुना की उन्हीं क्षीणलहरियों में, जो कि चन्द्र के प्रकाश से रंचित हो रही Novels जयशंकर प्रसाद की कहानियाँ जयशंकर प्रसाद की कहानियाँ जयशंकर प्रसाद © COPYRIGHTS This book is copyrighted content of the concerned author as well as Matrubharti. Matrubharti has... More Likes This तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal क्या सब ठीक है - 5 द्वारा Narayan Menariya बारह बरश का इंतज़ार - 1 द्वारा kusum kumari कालू की पहाड़ी - 1 द्वारा RAAHULL SHARMA अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी