इस कहानी में, आरती एक कैद में है और उसे आतंकवादी सरगना आका हिज़बुल रब्बानी के पास ले जाने की तैयारी की जा रही है। जब वह सिक्योरिटी इन्चार्ज अब्दुल जब्बारी से मिलती है, तो उसे पता चलता है कि वह वही खलीफा है, जिसके नाम से लोग डरते हैं। आरती का क्रोध उसके अंदर भड़क उठता है, लेकिन वह अपने मिशन को ध्यान में रखते हुए संयम रखती है। वह जानना चाहती है कि उसे कैद में क्यों रखा गया है, लेकिन खलीफा उसे कोई जानकारी नहीं देता और कहता है कि उन्हें केवल ऊपर से मिले आदेशों का पालन करना होता है। आरती की सोच है कि उसे अपने आका और आतंकवादियों के नेटवर्क को नष्ट करना है, और वह अपने उद्देश्य के प्रति दृढ़ निश्चय रखती है। Bahadur beti Chapter - 10 Anand Vishvas द्वारा हिंदी लघुकथा 2.3k 2.3k Downloads 5.9k Views Writen by Anand Vishvas Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण आज बड़े सबेरे ही कैदखाने के एक सिक्योरिटी इन्चार्ज ने, जो कि देखने में तो बिलकुल ब्लैक-कमाण्डो जैसा ही लग रहा था, आरती को आकर बताया कि कुछ ही समय के बाद तुम्हें हमारे सरगना आतंकी आका हिज़बुल रब्बानी के पास में जाना होगा। आज वहाँ पर तुम्हारी पेशी होने वाली है। Novels बहादुर बेटी जिसने पुस्तक अौर पैन को घर-घर पहुँचाकर, घाटी के विकास की नई गाथा लिख दी... More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी