कहानी "सबुन" में बोली नाम की एक लड़की की यात्रा का वर्णन है, जो अपने गांव से नई दिल्ली आई है। बोली को अपने मालिक-मालकिन के लिए साबुन खरीदना है, लेकिन वह यह नहीं जानती कि साबुन भी कई प्रकार के होते हैं। वह अनपढ़ और देहाती है, जिसने अपनी पुरानी दुनिया से नई दुनिया में कदम रखा है। उसके माता-पिता ने उसे शहर भेजा ताकि वह शहरी जीवन जी सके और उसकी शादी में कोई दिक्कत न हो। बोली के लिए नई दुनिया अनजान और आकर्षक है, लेकिन वह मानसिक रूप से देहाती ही बनी रहती है। इस कहानी में उसके अनुभव और नई दुनिया के प्रति उसकी जिज्ञासा को दर्शाया गया है। Sabun Vinod Viplav द्वारा हिंदी लघुकथा 4.6k 3.6k Downloads 12.8k Views Writen by Vinod Viplav Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण एक भोली—भाली गरीब लड़की की नजर से इस कहानी में गरीबी और अमीरी के फर्क को दिखाया गया है। More Likes This आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan कहाँ खो गया वह होशियार अजय - 1 द्वारा Anamika ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई - 1 द्वारा Std Maurya दिल्ली जिमखाना क्लब द्वारा Devendra Kumar Fake Boyfriend real Feelings - 1 द्वारा Mawaskar Pratigya कॉल - 1 द्वारा sky अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी